रेवाड़ी। शहर के हंस नगर में 5 जुलाई को एक घर में पाइपलाइन से गैस रिसाव के बाद हुए ब्लास्ट में पिता-पुत्री की मौत के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। डेढ़ माह तक चली जांच के बाद कमेटी ने माना कि रिटायर्ड फौजी सतबीर के घर ब्लास्ट पीएनजी लीक होने के कारण ही हुआ था। रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने अब आईजीएल का ठेका लेने वाली कंपनी डीएससी ट्रेडर्स के परियोजना प्रबंधक धारूहेड़ा के वार्ड नंबर 8 निवासी राहुल, गांव काठूवास निवासी पर्यवेक्षक रंजीत और सहयोगी कंपनी रेजोनेंस के आरसीएम यूपी के गाजियाबाद के गोविंदपुरी निवासी संदीप कुमार को गिरफ्तार किया है। इन पर गैर इरादतन हत्या, लापरवाही बरतने और अन्य मामलों में आरोपी बनाया गया है। इस मामले में पहली गिरफ्तारी है।
पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार ने बताया कि हादसे के बाद कंपनी प्रबंधन ने पहले गैस लीक होने की आशंका को खारिज किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने जांच का जिम्मा थाना सदर के प्रबंधक पुलिस उपनिरीक्षक राकेश कुमार को सौंपा था। जांच में स्पष्ट हुआ कि हादसा पीएनजी लीक होने के कारण ही हुआ था। स्थानीय समिति की रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले में पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की है। हालांकि, अभी एफएसएल की रिपोर्ट नहीं आई है।
डीसी ने बनाई थी चार सदस्यीय समिति
एफएसएल की रिपोर्ट में देरी को देखते हुए डीसी अभिषेक मीणा ने तत्कालीन डीएमसी ब्रह्मप्रकाश की अगुवाई में 4 सदस्यीय समिति गठित की थी। इसमें संबंधित विभाग के विशेषज्ञों को शामिल किया था। उस रिपोर्ट में भी गैस लीकेज को हादसे का कारण बताया गया था।
5 जुलाई को पीएनजी पाइपलाइन टेस्टिंग के दौरान हुआ था ब्लास्ट
पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार के मुताबिक, हंस नगर निवासी मधु ने जानकारी दी थी कि 5 जुलाई को पीएनजी पाइपलाइन टेस्टिंग के दौरान उनके घर के पास गैस एकत्रित हो गई थी, जिसकी दुर्गंध उनके पति सतबीर ने हादसे से ठीक पहले महसूस की थी। जब उनकी बेटी तन्नू ने कपड़े प्रेस करने के लिए बिजली का स्विच ऑन किया था तो अचानक जोरदार ब्लास्ट हो गया था। इस हादसे में उनके पति सतबीर, बेटी तन्नू, पड़ोसी जयभगवान और 2 वर्षीय भतीजी खुशी झुलस गई थी। इलाज के दौरान सफदरजंग अस्पताल दिल्ली में 9 जुलाई को तन्नू और 11 जुलाई को सतबीर की मौत हो गई थी।