रेवाड़ी। हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. रविंद्र बलियाला ने बुधवार को स्थानीय लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में जिले के विभिन्न थानों में एसटीएसटी के तहत दर्ज 72 मुकदमों और 8 अन्य शिकायतों की सुनवाई की। इन मामलों के वादी, शिकायतकर्ता, प्रतिवादी, आरोपी एवं केस से संबंधित जांच अधिकारियों को जवाब तलब किया गया।
डॉ. रविंद्र बलियाला ने कहा कि आयोग अनुसूचित जाति के लोगों की सुरक्षा व कल्याण के लिए कार्य कर रहा है। अभी तक 21 जिलों में सुनवाई का कार्य किया जा चुका है। सिर्फ चरखी दादरी जिला शेष बचा है, जहां भी जल्द सुनवाई की जाएगी। राज्य सरकार ऐसे मामलों के प्रति बहुत ही संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि आयोग का मकसद पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाना है। आयोग सभी को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आज की बैठक में सभी पक्षों को बुलाया गया था। उन्होंने बताया कि अगर अनुसूचित जाति के किसी भी नागरिक के साथ कोई ज्यादती होती है तो वह आयोग के कार्यालय में संपर्क कर सकता है। सुनवाई के उपरांत डॉ. बलियाला ने कहा कि रेवाड़ी के ज्यादातर मामलों में ज़िला प्रशासन और पुलिस के जांच अधिकारी अपडेट थे, जो सराहनीय है। यहां निर्धारित समय पर आरोपियों का चालान पेश करके कोर्ट में पेश कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत अनुसूचित वर्ग के लिए राहत राशि का भी प्रावधान है।जिला प्रशासन की तरफ से डीसी अभिषेक मीणा, एसपी डॉ मयंक गुप्ता, अतिरिक्त उपायुक्त अनुपमा अंजलि, आयोग के वाइस चेयरमैन विजेंद्र बडगूजर व अन्य सदस्य सहित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।