रेवाड़ी/कोसरी। बुधवार को सुबह से ही बादल छाए रहे जिससे मौसम में नमी और ठंडक बनी हुई है। जहां लोगों को कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिली है वहीं किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
बुधवार को क्षेत्र का अधिकतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 12.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री और न्यूनतम तापमान मात्र 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस प्रकार न्यूनतम तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। तापमान में आई इस बढ़ोतरी से पाले की मार से कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
हालांकि, मौसम में बदलाव के साथ ही वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र का अधिकतम एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 325 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। मंगलवार को यह आंकड़ा 315 था। ठंड से राहत के बावजूद प्रदूषण का बढ़ता स्तर चिंता का विषय बना हुआ है।
वहीं कोसली क्षेत्र में बुधवार को भी बादल छाए रहे। कहीं-कहीं बूंदाबांदी देखने को मिली। ऐसे में अब बदले मौसम ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है।
कोसली क्षेत्र में करीब 16,500 हेक्टेयर में सरसों तथा लगभग 4,000 हेक्टेयर में गेहूं की फसल बोई गई है। सरसों की फसल में फलियां आ चुकी हैं और फसल पकने की अवस्था की ओर बढ़ रही है। किसानों का कहना है कि इस समय हल्की वर्षा फसलों के लिए लाभकारी हो सकती है, लेकिन यदि लगातार पाला जमता रहा और सूर्य के दर्शन नहीं हुए तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
किसान रामपाल के अनुसार सर्दी पड़ना फसलों के लिए आवश्यक है और धुंध-कोहरा भी अधिक हानिकारक नहीं होता, लेकिन लगातार पाला जमना और धूप न निकलना फसलों के लिए घातक साबित हो सकता है। कृषि वैज्ञानिक भी इस बात से सहमत हैं।