रेवाड़ी। पहली से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए चल रहे ग्रीष्मकालीन अवकाश 30 जून को समाप्त हो जाएंगे। एक जुलाई से सभी राजकीय विद्यालय खुलेंगे। ऐसे में शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले सभी स्कूलों को साफ-सफाई, मरम्मत और बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यालय खुलने से पहले पेयजल टंकियों की सफाई, कक्षाओं व परिसर की स्वच्छता, शौचालयों की सफाई, बिजली व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं को पूरी तरह दुरुस्त किया जाए। स्कूल भवनों में जहां भी मरम्मत की आवश्यकता है, उसे भी अवकाश के दौरान ही पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
छोटे-मोटे मरम्मत कार्यों के लिए विद्यालयों को उपलब्ध फंड से एक लाख रुपये तक खर्च करने की अनुमति दी गई है। जिन विद्यालयों के पास पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं है, उनके मामलों की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने मुख्यालय स्तर के अधिकारियों को स्कूलों का रैंडम निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान मरम्मत कार्यों और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया जाएगा तथा रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी। यदि किसी विद्यालय में लापरवाही या अनियमितता पाई गई तो संबंधित प्राचार्य या हेडमास्टर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि 1 जुलाई से विद्यालय खुलने तक सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
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बर्तन, गैस चूल्हे और अन्य सामग्री की कर लें जांच
जिले में कुल 638 मिड-डे मील केंद्र संचालित हैं, जिनके माध्यम से प्रतिदिन करीब 30 हजार विद्यार्थियों को दोपहर का भोजन उपलब्ध कराया जाता है। शिक्षा विभाग ने सभी मिड-डे मील केंद्र संचालकों को भी निर्देश जारी किए हैं कि वे ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान भोजन निर्माण में उपयोग होने वाले सभी बर्तन, गैस चूल्हे, भंडारण पात्र एवं अन्य आवश्यक सामग्री की अच्छी तरह जांच कर लें। यदि किसी सामग्री में खराबी हो तो उसे समय रहते ठीक कराया जाए ताकि 1 जुलाई से विद्यालय खुलने पर पहले ही दिन से विद्यार्थियों को बिना किसी बाधा के निर्धारित मानकों के अनुसार मिड-डे मील उपलब्ध कराया जा सके। भोजन तैयार करने में किसी भी प्रकार की कमी या लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
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वर्जन :
सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को 1 जुलाई से पहले विद्यालय में पेयजल, स्वच्छता, बिजली, फर्नीचर, खेल सामग्री और अन्य आवश्यक व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रयास है कि विद्यार्थियों को पहले ही दिन से सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर शिक्षण वातावरण मिले।- राजेंद्र शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी।