रेवाड़ी। प्राथमिक विद्यालयों में स्वच्छता और रखरखाव को बेहतर बनाने के लिए स्वच्छ प्रांगण योजना चलाई जा रही है। इसके तहत वर्ष 2026-27 के लिए जिले के 225 स्कूलों को 18 लाख रुपये का बजट जारी किया है। प्रत्येक विद्यालय को 8 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की जाएगी।
शिक्षा विभाग के अनुसार इस बजट का उपयोग स्कूलों में सफाई, हाउसकीपिंग, बागवानी और रखरखाव कार्यों पर किया जाएगा। योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है ताकि शैक्षणिक स्तर बेहतर हो सके। जारी की गई राशि जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से संबंधित विद्यालयों तक पहुंचाई जाएगी।
विभाग ने निर्देश दिया है कि यह धनराशि केवल निर्धारित और स्वीकृत मदों में ही खर्च की जाएगी। इसके अलावा सभी स्कूलों को 31 मार्च 2027 तक इस राशि का उपयोग करना अनिवार्य होगा। राशि खर्च के बाद प्रत्येक विद्यालय को उपयोग प्रमाणपत्र जमा करना जरूरी होगा।
इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि राशि का सही और पारदर्शी तरीके से उपयोग हुआ है। विभाग का मानना है कि इस पहल से स्कूलों का वातावरण स्वच्छ और आकर्षक बनेगा, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा और उनकी उपस्थिति व सीखने की क्षमता में भी सुधार होगा।
ये है योजना का उद्देश्य
स्कूल परिसरों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। इसके तहत नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा ताकि विद्यार्थियों को साफ-सुथरा वातावरण मिल सके। साथ ही बागवानी और सुंदरीकरण को बढ़ावा देकर स्कूलों को आकर्षक बनाया जाएगा। योजना का फोकस स्वच्छ माहौल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्रोत्साहित करना है, जिससे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और पढ़ाई दोनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।
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स्कूलों की संख्या और स्वीकृत राशि
जिलाविद्यालयराशि (रुपये में)
हिसार39431,52,000
भिवानी26521,20,000
चरखी दादरी161 12,88,000
फरीदाबाद 82 6,56,000
फतेहाबाद 202 16,16,000
गुरुग्राम 234 18,72,000
अंबाला 127 10,16,000
झज्जर 174 13,92,000
जींद 26621,28,000
कैथल 25620,48,000
करनाल 291 23,28,000
कुरुक्षेत्र 259 20,72,000
महेंद्रगढ़ 309 24,72,000
नूंह (मेवात) 411 32,88,000
पलवल 18714,96,000
पंचकूला 453,60,000
पानीपत 21116,88,000
रेवाड़ी 22518,00,000
रोहतक 14011,20,000
सिरसा 72 5,76,000
सोनीपत 161 12,88,000
यमुनानगर 169 13,52,000
वर्जन
स्वच्छ प्रांगण योजना के तहत जारी की गई राशि का उपयोग पारदर्शिता और नियमों के अनुसार किया जाएगा। प्रत्येक स्कूल को 8 हजार रुपये दिए गए हैं जिनका उपयोग साफ-सफाई, हाउसकीपिंग, बागवानी और रखरखाव कार्यों पर किया जाएगा। योजना का उद्देश्य स्कूलों में स्वच्छ और बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है।-बिजेंद्र हुड्डा, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।