रेवाड़ी जिले के गांव धवाना में मंगलवार को 11वीं कक्षा के एक छात्र ने घर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने सरकारी स्कूल के शिक्षक पर छात्र को होमवर्क न करने पर डांटने और पीटने का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक और रोष का माहौल है।
छात्र ने रोते हुए भाई-बहनों को बताई थी परेशानी
15 वर्षीय जतिन गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ता था। उसके चाचा रवि ने बताया कि मंगलवार को स्कूल से लौटने के बाद वह बहुत परेशान था। जतिन ने अपने ताऊ के लड़कों और भाई-बहन को रोते हुए बताया। उसने बताया कि शिक्षक ने उसके साथ बदसलूकी और मारपीट की थी। इसके बाद वह चुपचाप अपने कमरे में चला गया। थोड़ी देर बाद उसकी बहन सब्जी लेने ऊपर गई तो उसने जतिन को फंदे से लटका पाया। परिजन उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के समय जतिन की मां नारनौल अस्पताल में एक रिश्तेदार से मिलने गई थीं।
खोल थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया है। घटना के बाद विरोध जताने के लिए काफी लोग स्कूल के बाहर जमा हुए। पुलिस ने उन्हें समझाकर वापस भेज दिया। इस मामले में अभी तक पुलिस को परिजनों की तरफ से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
चाचा ने लगाए शिक्षक पर परेशान करने के आरोप
चाचा रवि ने आरोप लगाया कि स्कूल शिक्षक जतिन को अक्सर परेशान करते थे। वे उसे पिता के न होने और मां के मजदूरी करने का तंज कसते थे। शिक्षक उसे गृहकार्य न करने पर पीटते भी थे। जतिन इन बातों से काफी दिनों से परेशान था। परिजनों का कहना है कि इसी उत्पीड़न के कारण उसने यह कदम उठाया।
इस मामले में डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए नागरिक अस्पताल के मॉर्च्यूरी में रखवा दिया है। अभी तक परिजनों की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली है।