कैप्शन नंबर 15 रेवाड़ी। सब अर्बन कार्यालय में मास्क वाले उपभोक्तओं से बिना मास्क बातचीत करते जेई
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जमीन की खरीद-परोख्त में धांधली रोकने के लिए शुरू किया गया ऑनलाइन पोर्टल ईमानदारी से अपनी संपत्ति बेचने व खरीदने वालों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। लोग अपनी संपत्ति का विकास शुल्क 10 से 20 साल पहले जमा करा चुके हैं, लेकिन जब संपत्ति बेचने के लिए टोकन ले रहे हैं तो शुल्क जमा नहीं होने की बात कहकर उनका टोकन रद्द कर दिया जा रहा है। ऐसे मेें लोग नगर परिषद व तहसीलों का चक्कर काट रहे हैं। इसका बड़ा कारण है कि पुराने समय में नगर परिषद की ओर से जो विकास शुल्क वसूला गया था, उसको ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट नहीं किया। इसके चलते ही लोगों के सामने यह समस्या खड़ी हो रही है। बता दें कि नगर परिषद में प्रत्येक दिन इस तरह के 10 से अधिक केस पहुंच रहे हैं, ये समस्या शहर के लोगों के साथ सबसे ज्यादा है। अब तक ऐसे लगभग 120 मामले आ चुके हैं।
ऑनलाइन से पहले रसीद से होता रहा है पंजीकरण
जमीनों के ऑनलाइन पंजीकरण से पहले नगर परिषद से मिली रसीद जमा करने पर जमीन की रजिस्ट्री हो जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। संपत्ति मालिक द्वारा जमा किया गया विकास शुल्क ऑनलाइन अपडेट होना जरूरी है। बता दें कि किसी भी संपत्ति का विकास शुल्क एक बार ही लिया जाता है। जमीन का पंजीकरण कराने से पहले विकास शुल्क जमा करना जरूरी होता है। इसके अलावा संपत्ति कर आदि का बकाया रहने पर भी परेशानी आ रही है। ऐसे में पोर्टल पर संपत्ति व विकास शुल्क अपडेट होना जरूरी है।
हेल्प डेस्क पर एमई-जेई एक घंटा करेंगे समाधान
नगर परिषद ईओ विजयपाल यादव ने बताया कि उनकी ओर से पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन करने के लिए भेजा गया था। कुछ मामलों में जमीन एक से ज्यादा लोगों को बेची जा चुकी होती है। इसके चलते भी कुछ परेशानी आ रही है। नगर परिषद में ऐसे मामलों के समाधान के लिए सुबह 9-10 बजे तक तक हेल्प डेस्क बनाने केे आदेश दिए गए हैं। जिन लोगों के टोकन रद्द किए जाएंगे, उनका आंकड़ा नगर परिषद के पोर्टल पर पहुंच जाएगा। ऐसे लोगों के समाधान के लिए मेकर- एमई अजय सिक्का व चेकर-जेई सुनील यादव प्रत्येक दिन एक घंटा समाधान करेंगे। वहीं यदि संपत्ति कर का मामला आता है तो इस दौरान कर्मचारी बलवान व कंप्यूटर ऑपरेट अजय को हेल्प डेस्क पर नियुक्त किया गया है।
प्रदेश की समस्या, डिप्टी सीएम ने दिए समाधान के आदेश : तहसीलदार
रेवाड़ी तहसीलदार प्रदीप देशवाल ने कहा कि इस तरह की समस्या रेवाड़ी में ही नहीं पूरे प्रदेश में आ रही है। विकास शुल्क अपडेट नहीं होने के चलते कुछ परेशानी है। नगर परिषद के साथ पोर्टल पर भी कुछ दिक्कत है। बुधवार को ही डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने वीसी के माध्यम से इस समस्या को समाधान करने के निर्देश दिए हैं। पोर्टल पर टोकन लेने के लिए ऑनलाइन ही संपत्ति कर जैसे अनापत्ति प्रमाण पत्र की जांच की जाती है। इस तरह की समस्याओं को लेकर लोग आ रहे हैं, समाधान की प्रक्रिया चल रही है। शुरुआती दिनों में हर रोज एक-दो पंजीकरण हो रहे थे। अब एक दिन में 10-15 पंजीकरण हो रहे हैं।
कैप्शन नंबर 13 रेवाड़ी। बिजली निगम के सब अर्बन कार्यालय में बिना मास्क कार्य करते कर्मी- फोटो : Rewari