संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थी अब खुद टैबलेट के माध्यम से परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) और आधार कार्ड में त्रुटियों को दूर कर सकते हैं। इसके लिए राजकीय विद्यालयों में शिविर लगाकर विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिले के गांव संगवाड़ी और खोल के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में जागरूकता शिविर लगाए गए थे, जिसके परिणाम सार्थक निकले हैं। इसको देखते हुए परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण ने पूरे प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पीपीपी जागरूकता शिविर आयोजित करने की योजना बनाई है। एक परिवार, एक पहचान योजना के तहत जारी होने वाली फैमिली आईडी से विद्यार्थियों को कई लाभ मिलते हैं। इसके आधार पर योजनाओं का लाभ दिया जाता है।
विद्यालयों में शिविर लगाकर नौवीं से बारहवीं कक्षा तक के छात्रों को प्रोजेक्टर के माध्यम से सिखाया जाएगा कि वे कैसे टैबलेट से फैमिली आईडी को खोलकर सिटीजन कार्नर से गलतियों को ठीक कर सकते हैं। पीपीपी में नए व्यक्तियों को जोड़ने और मृत व्यक्तियों को हटाने संबंधित पूरी प्रक्रिया समझाने के साथ ही उन्हें जाति प्रमाणपत्र और आय प्रमाणपत्र सहित अन्य दस्तावेजों को डाउनलोड करने का तरीका बताया जाएगा। साथ ही योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया समझाई जाएगी।
टैबलेट का हो सकेगा सही उपयोग
प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में नौवीं से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। सरकार की मंशा विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर टैबलेट के माध्यम से परिवार पहचान पत्र और आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों की त्रुटियों को ठीक कराने की है। कार्यक्रम में सभी विद्यार्थियों को प्रोजेक्टर के माध्यम फैमिली आईडी खालने, त्रुटियों को दूर करने, नाम काटने, नाम जोड़ने, जाति प्रमाण पत्र बनाने, रिहायशी प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया समझाई जाएगी।
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विद्यालयों में लगाए गए पीपीपी जागरूकता कैंप का बेहतर परिणाम मिला है। प्रशिक्षण के बाद विद्यार्थी घर जाकर टैबलेट से खुद अपनी फैमिली आईडी बनाते हैं। अब अन्य स्कूलों में विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।-सतीश खोला, परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण के स्टेट कोआर्डिनेटर