स्कूल बस का निरीक्षण करते जिला शिक्षा अधिकारी। संवाद
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डीसी यशेंद्र सिंह के निर्देश में वीरवार को डीईओ राजेश कुमार ने स्कूल बसों का निरीक्षण किया। इस दौरान सनराइज स्कूल मस्तापुर और सूरज स्कूल गुडियानी की बसों में प्राइमरी विंग के बच्चे मिले। डीईओ को सनराइज स्कूल की बस में क्षमता से ज्यादा बच्चे मिले। स्कूल बस गलत दिशा में चल रही थी, जबकि विभाग ने छोटे बच्चों का स्कूल एक से पांचवीं कक्षा के खोलने का निर्णय नहीं लिया है।
सूरज स्कूल गुडियानी की बस में भी छोटे बच्चे बैठे मिले। बस में बच्चों की संख्या क्षमता से अधिक थी। स्कूल बस को बहुत तेज गति से चलाते देख जिला शिक्षा अधिकारी ने बस को रोककर जांच की। बस में छोटे बच्चे भी बैठे मिले। शिक्षा विभाग ने तीन दिन के अंदर जवाब मांगा है। वहीं नियमों की अवहेलना करने पर मान्यता रद्द करने व धारा 188 के तहत कार्रवाई संभव है।
-शिक्षा नियमावली और महामारी एक्ट की अवहेलना
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि कुछ स्कूलों द्वारा कोविड-19 महामारी के बचाव एवं रोकथाम में किसी प्रकार का सहयोग नहीं किया जा रहा है, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। हरियाणा शिक्षा नियमावली 2003, संशोधित नियम 2007 एवं 2009 का उल्लंघन किया जा रहा है। डीईओ राजेश कुमार ने दोनों स्कूलों को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के अंदर अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा है। निर्धारित अवधि में उत्तर संतोषजनक न मिलने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने के बारे में निदेशक सेकेंडरी शिक्षा विभाग पंचकूला व सचिव केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड नई दिल्ली तथा भारतीय दंड संहिता की धारा-188 (45 ऑफ 1860) के तहत कार्रवाई की जाएगी।