मंगलवार को धूप निकलने की वजह से हुआ आसमान। संवाद
रेवाड़ी। मौजूदा समय में जिले का मौसम साफ और शुष्क बना हुआ है। साथ ही सम्पूर्ण इलाके में सुबह और शाम ठंड अपने रंग दिखा रही है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गयी है।
फिलहाल आने वाले दिनों में ठंड बढ़ने की संभावना है। वहीं, उत्तरी पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी होने से पहले पखवाड़े में सम्पूर्ण इलाके में उत्तरी बर्फीली हवाओं से ठंड में जरूर इजाफा देखने को मिलेगा और कोल्ड वेब की स्थिति की संभावना भी बन रही है। क्षेत्र में आमतौर पर मौसम शुष्क और साफ बना रहेगा, केवल सुबह-शाम ठंड से आमजन को रूबरू होना पड़ेगा, जबकि दिन में सूर्य की चमकदार सुनहरी धूप खिली रहेगी। दूसरा पखवाड़े में जेट धाराएं दक्षिणायन होने से पश्चिमी विक्षोभ भी दक्षिणायन होने से मजबूत होकर उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बर्फबारी साथ ही मैदानी क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों से सम्पूर्ण इलाके में ठंड के तेवर प्रचंड होने की गतिविधियों को दर्ज किया जाएगा और हाड़ कंपा देने वाली ठंड की दौर शुरू हो जाएगा। इस माह के अंत तक कुल 6 से 7 पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे, जिसमें दूसरे पखवाड़े वाले दो पश्चिमी विक्षोभ मध्यम श्रेणी की वजह से बारिश की गतिविधियों की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने कही ये बात
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि पहले अक्तूबरऔर उसके बाद नवंबर में मौसम शुष्क और साफ बना हुआ है। दिसंबर शुरू हो गया है, लेकिन पहले पखवाड़े में भी बारिश की गतिविधियों की कोई संभावना नहीं बन रही है। दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में बारिश के आसार दिखाई दे रहे हैं। पिछले साल की बात करें तो नवंबर महीने में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई थी। इस साल अक्तूबर और नवंबर महीने में जेट धाराओं के उत्तरायण होने की वजह से केवल कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से उत्तरी पर्वतीय इलाकों में हल्की बर्फबारी ही हो रही है, जबकि मैदानी इलाकों में बारिश नदारद है। इसकी वजह से ठंड अभी कम है। तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है।
232 पहुंचा प्रदूषण का स्तर:
मंगलवार को प्रदूषण का स्तर बढ़ता हुआ दिखाई दिया। अधिकतम प्रदूषण का स्तर 232 के आसपास दर्ज किया गया। वहीं, सोमवार को प्रदूषण का स्तर 180 के आसपास दर्ज किया गया था। मौजूदा समय में ग्रैप चार की पाबंदियां लगी हुई हैं। अभी निर्माण कार्यों पर रोक है।