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Rewari News: सीजीएचएस डिस्पेंसरी अगले माह हो सकती है शुरू, 35 हजार लोगों को मिलेगा लाभ

Tue, 30 Jun 2026 12:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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रेवाड़ी। नाईवाली चौक स्थित बीएसएनएल कार्यालय के परिसर में तैयार की जा रही सीजीएचएस (सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम) डिस्पेंसरी में ओपीडी सेवाएं जुलाई में शुरू होने की उम्मीद है। डिस्पेंसरी शुरू होने से रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी और राजस्थान के अलवर सहित आसपास के क्षेत्रों के करीब 35 हजार लोगों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
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सीजीएचएस के दायरे में केंद्र सरकार के अधिकारी, कर्मचारी और पेंशनभोगी आते हैं। इसके अलावा बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, असम राइफल्स, आईबी, सीबीआई, रॉ और दिल्ली पुलिस सहित कई केंद्रीय संस्थानों के कर्मचारी भी इस योजना का लाभ उठाते हैं।
सीजीएचएस वेलफेयर एसोसिएशन ने डिस्पेंसरी के निर्माण और मरम्मत कार्य को जल्द पूरा कराने की मांग की है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि कार्य लगभग अंतिम चरण में है। बाहर रैंप निर्माण और क्षतिग्रस्त डक्ट को जल्द दुरुस्त करने की जरूरत है। काम में तेजी लाकर भवन को जल्द हैंडओवर किया जाए ताकि बुजुर्गों और मरीजों को राहत मिल सके।
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बीएसएनएल के जीएम पूरनचंद ने बताया कि अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और शेष काम एक सप्ताह के भीतर पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है। रैंप और डक्ट का कार्य पूरा होने के बाद भवन संबंधित विभाग को सौंप दिया जाएगा।
वर्जन
भवन हैंडओवर होते ही ओपीडी शुरू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जुलाई में ओपीडी सेवाएं शुरू कराने का लक्ष्य रखा गया है।- डॉ. तरुण यादव, इंचार्ज।
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डिस्पेंसरी में कुल सात कमरे होंगे
डिस्पेंसरी में कुल सात कमरे होंगे। इनमें चार ओपीडी, एक पंजीकरण और दवा वितरण के लिए और अन्य कमरे प्रशासनिक कार्यों के लिए उपयोग किए जाएंगे। शुरुआती चरण में यहां एक सीएमओ, दो फार्मासिस्ट, दो मेडिकल अटेंडेंट, एक हाउसकीपिंग कर्मचारी और तीन सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएंगे। भविष्य में मरीजों की संख्या बढ़ने पर यहां पांच चिकित्सकों की नियुक्ति का प्रावधान रखा गया है।

गुरुग्राम या दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा
डिस्पेंसरी शुरू होने के बाद लाभार्थियों को प्राथमिक उपचार के लिए गुरुग्राम या दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा। गंभीर मरीजों को सीजीएचएस के पैनल में शामिल निजी और कॉर्पोरेट अस्पतालों में रेफर कर कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे दक्षिण हरियाणा के हजारों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को समय, खर्च और परेशानी तीनों से राहत मिलेगी।
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