पोलियो रोधी दवा पीने के बाद बच्चे के चेहरे पर मुस्कान। स्रोत : विभाग
रेवाड़ी। पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान के तहत सोमवार को स्वास्थ्यकर्मियों ने घर-घर जाकर पांच वर्ष तक के छूटे बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई।
स्वास्थ्यकर्मियों के अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा वर्करों की ओर से बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाने का कार्य किया जा रहा है। जो बच्चे 28 जून को बूथों तक नहीं पहुंच सके, उन बच्चों को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर पोलियो रोधी खुराक पिला रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की कि वे प्रत्येक राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में अपने पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य दिलाएं। उन्होंने बताया कि पोलियो की दो बूंदें बच्चों को आजीवन दिव्यांगता से बचाने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। संवाद