बावल थाना क्षेत्र के गांव मोहनपुर से 27 जून 2018 को रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हुई करीब 14 वर्षीय नाबालिग शिवानी को तलाश करने की जिम्मेदारी करीब छह माह की जांच के बाद सीबीआई ने अपने हाथों में ले ली है। केंद्र सरकार ने यह मामला केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपा था।
बता दें कि 2 साल पूर्व लापता नाबालिग के मामले में स्थानीय पुलिस से लेकर क्राइम ब्रांच की टीम द्वारा जांच की जा चुकी है, लेकिन नाबालिग का सुराग लगाने में सभी नाकामयाब रहे हैं। इस दौरान क्षेत्र के लोगों द्वारा नाबालिग का सुराग लगाने की मांग को लेकर मंत्री डॉ बनवारी के आवास के बाहर करीब तीन माह तक धरना भी दिया गया था।
ह्यूमन ट्रैफिकिंग से भी जोड़कर देख मामले को
करीब दो साल पूर्व लापता हुई नाबालिग के लापता होने के बाद आज तक भी उसके माता-पिता उसके घर लौटने का इंतजार में है। लड़की का लापता होने में ह्यूमन ट्रैफिकिंग से जुड़े लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।
18 सितंबर 2019 को सीबीआई जांच की सिफारिश की
यहां पर यह बता दें कि प्रदेेश में सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी सरकार ने नाबालिग के लापता होने के करीब 15 महीने बाद 18 सितंबर 2019 को इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। हालांकि, यह प्रक्रिया धीमी गति से आगे बढ़ी। केंद्र को यह मामला सीबीआई को 11 मार्च 2020 को सौंपने में छह महीने का वक्त लगा। जांच एजेंसी ने 27 जुलाई को एक प्राथमिकी दर्ज की। सीबीआई ने लड़की की तलाश करने के काम पर अपनी विशेष अपराध शाखा को लगाया है।