संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। पांच माह पहले प्रसव के दौरान पलवल निवासी महिला और उसके बच्चे की मौत सीहा सीएचसी की नर्स और 2 महिला दलाल की लापरवाही से हुई थी। मेडिकल नेग्लीजेंसी बोर्ड की सलाह और जांच के बाद कोसली थाना पुलिस ने नर्स, आशा वर्कर व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
कोसली रेलवे स्टेशन के निकट रहने वाली भतेरी पत्नी उमेद सिंह ने 18 मार्च को कोसली पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने कहा था कि उनकी बेटी 25 वर्षीय ललिता की शादी पलवल में हुई थी। बेटी का पहला बेटा ऑपरेशन से हुआ था। मार्च में उसकी दूसरी डिलीवरी होनी थी। भतेरी के अनुसार कोसली स्टेशन के निकट ही रहने वाली आशा वर्कर ने कहा कि ललिता की नॉर्मल डिलीवरी सीहा सीएचसी में करा देंगे। जब ललिता की डिलीवरी का समय आया तो उन्होंने घर पर आकर ललिता को अरंडी का तेल पिला दिया और कुछ बादाम खिलाए। कहा कि डिलीवरी नॉर्मल हो जाएगी। दर्द होने पर ललिता को सीहा सीएचसी लेकर गए। यहां नॉर्मल डिलीवरी कहकर कई कट लगा दिए। खून बिखरा हुआ था, ललिता बदहवास थी। हमें शक हुआ तो उसे रेवाड़ी प्राइवेट अस्पताल में लेकर गए, जहां ललिता और उसके बच्चे को मृत घोषित कर दिया। अब केस दर्ज कर लिया गया है।