प्रशिक्षण पूरा करने वाले बंदियों को प्रमाण-पत्र वितरित करते फाउंडेशन के सदस्य व पुलिस। स्त्रोत:
रेवाड़ी। कर्मसेतु फाउंडेशन के हुनर इनिशिएटिव कार्यक्रम के तहत जिला कारागार में 14 दिवसीय व्यावसायिक कैंडल मेकिंग प्रशिक्षण का शनिवार को समापन हुआ। इस दौरान प्रशिक्षण पूरा करने वाले बंदियों को प्रमाण-पत्र दिए गए।
संस्था के निदेशक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य बंदियों को रोजगारोन्मुखी कौशल देना है। इससे वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे। सजा पूरी होने के बाद उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे।
जेल अधीक्षक रेशम सिंह ने बताया कि प्रतिभागियों को सजावटी, सुगंधित, फ्लोटिंग और जैल मोमबत्तियां बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिला। उन्हें उत्पाद की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग और विपणन तकनीकों की भी जानकारी दी गई।
ओम प्रकाश ने कहा कि कौशल विकास से व्यक्ति आत्मनिर्भर बन सकता है। कर्मसेतु फाउंडेशन की प्रिया ने जेल प्रशासन का आभार जताया। संस्था की सदस्य दीपाली कौशिक ने कहा कि यह पहल कौशल विकास और सामाजिक पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण है। इससे बंदियों को सम्मानजनक आजीविका के अवसर मिलेंगे। वे समाज में सकारात्मक भूमिका निभा सकेंगे।