रेवाड़ी। शहर को साफ बनाने के लिए घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए नगर परिषद की ओर से टेंडर प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया है। यह टेंडर दस नवंबर को होने थे। परिषद अधिकारी इसके लिए टेक्निकल खामी को जिम्मेदार बता रहे हैं। आखिरकार इसका खामियाजा आम जनता को ही भुगतना पड़ रहा है।
शहर के घर-घर से कूड़ा उठाने की योजना लंबे समय से पाइप लाइन में है, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी यह सिरे नहीं चढ़ रही। कुछ ही दिनों पहले नप की ओर से घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए, लेकिन टेंडर खुलने से पहले ही नप ने इसे रद्द कर दिया है। प्रशासन की ओर से कई बार सफाई अभियान चलया गया, लेकिन कूड़ा डालने की उचित व्यवस्था नहीें होने के चलते ही परिणाम साकारात्मक नहीं रहे। वहीं शहर में वेस्ट-मनैजमेंट प्लांट की व्यवस्था भी इसका बड़ा कारण रही है।
कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने की दी चेतावनी
नगर परिषद में अनुबंध के आधार पर लगे १७२ कर्मचारियों को तीन महीने से वेतनमान नहीं मिला है। इस पर बृहस्पतिवार को यूनियन के प्रधान महेंद्र चावरिया ने ईओ से कहा कि यदि सोमवार तक उन्हें उनका बकाया नहीं मिला तो सभी सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे।
वर्जन
कूड़ा उठाने वाले टेंंडर में कुछ खामियां थी, जिसके चलते उसको रद्द कर दिया है, जल्द ही नए सिरे से टेंडर छोड़ा जाएगा। दूसरी ओर नगर परिषद के सभी सफाई कर्मचारियों का बकाया दे दिया गया है।
विजयपाल यादव, ईओ