रेवाड़ी। मसानी बैराज को वेटलैंड (आर्द्रभूमि) घोषित कराने और प्रदूषण मुक्त बनाने की मांग को लेकर क्षेत्र के अभियान चलेगा। राष्ट्रीय प्रकृति पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन संस्था के राष्ट्रीय संयोजक एवं रिटायर्ड वन अधिकारी कमल सिंह यादव के नेतृत्व में 20 गांवों में जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। 5 अप्रैल के बाद हस्ताक्षर अभियान शुरू किया जाएगा।
बीस 20 गांवों की महापंचायत बुलाई जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। इसके बाद व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाकर वेटलैंड अथॉरिटी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। संयोजक कमल सिंह यादव ने बताया कि मसानी बैराज और आसपास के क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण और इसके दुष्प्रभावों को लेकर ग्रामीणों में चिंता बढ़ती जा रही है।
उन्होंने बताया कि खरखड़ा, मसानी, तितरपुर, खलियावास, निखरी, निगानियावास, रालियावास, जड्लथ, आशियाकी पांचोर, पीथनवास और सांपली सहित कई गांव सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा संगवाड़ी, भूड़ला, लादूवास, साल्हावास, डूंगरवास, माजरा गुरदास, जीतपुरा, नंदरामपुर बास, भटसाना और बोलनी गांवों पर भी इसका असर पड़ रहा है।
उन्होंने 2012-13 में साफ पानी छोड़ा गया था, तब प्रवासी पक्षियों की तादाद भी बढ़ गई थी। इसमें मुख्य रूप से साइबेरियन क्रेन, ग्रेटर, फाल्कन, इम्पीरियल, तिदार, गुलाबी पेलिकन, रेड हेडेड, ग्रेटर स्पाटेंड इगल समेत कई पक्षी शामिल थे।
बैराज में करीब 400 एकड़ क्षेत्र में पानी जमा है, लेकिन इसमें बिना उपचारित दूषित पानी छोड़ा जा रहा है। इससे भू-जल स्तर पर विपरीत असर पड़ रहा है और जल गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है।
निखरी निवासी धर्मपाल ने बताया कि बैराज में छोड़े जाने वाले पानी को पहले पूरी तरह से शुद्ध किया जाए। इसके साथ ही बैराज को वेटलैंड घोषित कर संरक्षित किया जाए, ताकि यहां का पारिस्थितिकी संतुलन बहाल हो सके। ऐसा होने प्रवासी पक्षियों की संख्या बढ़ेगी और पर्यावरण को बड़ा लाभ मिलेगा।
एनजीटी में चल रहा है मामला
साहबी बैराज में दूषित पानी छोड़ने का मामला पहले से ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में विचाराधीन है। सिंचाई विभाग ने 218 करोड़ रुपये की एक विस्तृत योजना तैयार की है। इस योजना में पांच बड़े टैंक बनाए जाएंगे। दो सौ एकड़ में एक बड़ा टैंक निर्मित होगा। 23 किलोमीटर की पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस पाइपलाइन से पानी को पटौदी के पास इंदौरी नदी तक पहुंचाया जाएगा। योजना को पूरा करने में लगभग तीन वर्ष का समय लगेगा।
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पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की थी योजना
तत्कालीन सीएम मनोहर लाल ने कहा था कि पर्यटकों के लिए इसे रमणीक स्थल बनाया जाएगा, जिसमें रेस्टोरेंट व ठहरने के लिए हट्स भी बनाए जाएंगे। बोटिंग के बाद फूड कोर्ट, एडवेंचर कैंप की गतिविधियां शुरू की जाएंगी। साहबी क्षेत्र के कई किलोमीटर में फैले बैराज में नेचर ट्रेल भी विकसित किया जाएगा। सरकार की योजना 18 किलोमीटर तक ट्रेल बनाने की थी, ताकि एक बेहतर पर्यटक स्थल बनाया जा सके।