रेवाड़ी। विकास एवं पंचायत विभाग ने नाहड़ खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में कार्यरत सहायक सुनीता देवी को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। विभाग ने यह कार्रवाई कोसली की अदालत ने रिकॉर्ड खुर्द-बुर्द करने और षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराए जाने के बाद की है।
विभाग की ओर से जारी आदेश में बताया गया कि सुनीता देवी के खिलाफ आपराधिक मामला में जगदीश राय बनाम राज्य एवं अन्य के तहत कोसली के उपमंडल न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई हुई थी। अदालत ने 6 जनवरी को दिए निर्णय और 9 जनवरी के सजा आदेश में उन्हें दोषी ठहराया था।
अदालत ने धारा 120-बी के तहत एक वर्ष का कठोर कारावास और एक हजार रुपये जुर्माना, जबकि धारा 409/120-बी, 467/120-बी और 468/120-बी के तहत तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास तथा दो-दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
विभाग ने आदेश में कहा कि अपीलीय न्यायालय ने 3 फरवरी को सजा के क्रियान्वयन पर रोक लगाते हुए कर्मचारी को जमानत दी है, लेकिन दोषसिद्धि के आदेश पर रोक नहीं लगाई गई है। इसलिए कानून की नजर में दोषसिद्धि प्रभावी बनी हुई है।
विभाग ने माना कि सरकारी कर्मचारी से अपेक्षित ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और कर्तव्यनिष्ठा के मानकों के विपरीत आचरण के कारण सुनीता देवी को सेवा में बनाए रखना उचित नहीं है। इसके बाद संविधान के अनुच्छेद 311(2)(क) के तहत कार्रवाई करते हुए उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
मामला वर्ष 2016 का है, जब सुनीता देवी नाहड़ ब्लॉक में सहायक पद पर कार्यरत थीं। सेवानिवृत्त कर्मचारी जगदीश राय ने विभागीय रिकॉर्ड को साजिश के तहत खुर्द-बुर्द करने का आरोप लगाया था। पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने अदालत का सहारा लिया था। अदालत के आदेश के बाद मामले में कार्रवाई आगे बढ़ी और अब विभाग ने दोषी कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया है।