संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। रोडवेज डिपो के बेड़े में बसों की कम होने के कारण 2 साल से जींद, हिसार व भिवानी रूट पर बसों का संचालन बंद है। पंचकूला, बालाजी रूट पर 6 माह और वृंदावन, फरीदाबाद, रोहतक व बावल जयपुर से 2 माह पहले शुरू की गई बस सेवा बंद कर दी गई है। इसकी वजह से यात्रियों को परेशानी हो रही है।
बसों का संचालन क्यों बंद किया गया, इसका कोई स्पष्ट कारण रोडवेज विभाग ने नहीं बताया है। जबकि इन रूटों पर बसें चलने से विभाग को काफी फायदा भी होता था। दूसरी तरफ झज्जर, पटौदी, महेंद्रगढ़ सहित कई रूटों पर बसों के फेरों में भी कटौती की गई है। रूटों पर फेरे कम करने के मामले में रोडवेज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसी तरह से व्यवस्था बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। क्योंकि बसों की कमी है। अगर व्यवस्था नहीं बनाई गई तो मुश्किल और ज्यादा बढ़ सकती है। जैसे ही बसों की कमी दूर होगी उसके बाद व्यवस्था को फिर से दुरुस्त करवाया जाएगा। नारनौल डिपो से 10 बसें आनी थी लेकिन वहां की रोडवेज यूनियन के विरोध करने पर बसें नहीं आईं।
बसों की कमी के कारण जहां रूटों पर बसों के फेरों में कटौती चल रही है। वहीं, नए रूट पर बस का संचालन करने की मांग पर रोडवेज प्रबंधन को पुराने रूट पर बस बंद करनी पड़ रही है। इसके अलावा डिपो में हर एक-दो माह में चार-पांच बसें रूट संचालन से बाहर हो रही हैं, क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में डीजल बसों को दस साल तक ही संचालित करने की अनुमति है।
अगले वर्ष इलेक्ट्रिक बस मिलने की उम्मीद
रेवाड़ी डिपो को 50 इलेक्ट्रिक बसें भी मिलेंगी। हालांकि, इलेक्ट्रिक बसों के जल्द मिलने की उम्मीद अभी कम ही नजर आ रही है, क्योंकि इलेक्ट्रिक बसों के लिए नए बस स्टैंड पर चार्जिंग स्टेशन प्रस्तावित है और उसका कार्य अभी तक आरंभ नहीं हुआ है। जनवरी के अंत में चार्जिंग स्टेशन का कार्य आरंभ होने की जताई जा रही है।
यात्री बढ़े, मगर बसें नहीं
10 वर्ष पहले 180 बसें रोडवेज के पास थीं। वर्तमान में 131 बसें हैं। ऐसे में 50 बसें कम है। रोजाना 30 हजार यात्री सफर करते हैं। त्योहार के दिनों में यात्रियों की संख्या 40 हजार पहुंच जाती है। इस साल करीब 20 बसें कंडम हुई हैं। यात्रियों की संख्या बढ़ती जा रही है लेकिन बसों की संख्या कम हो रही है। रोडवेज डिपो के पास 164 परिचालक और 135 चालक हैं। जरूरत 177 परिचालकों और 155 चालकों की है।
वर्जन
डिपो में बसों की कमी को लेकर परेशानी जरूर है मगर व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। लोगों को किसी भी तरह से आने वाले दिनों में परेशान नहीं होना पड़ेगा। -देवदत्त, जीएम, रोडवेज विभाग।