घोषणा के तीन साल बाद भी मनेठी में एम्स निर्माण शुरू नहीं हुआ तो ग्रामीणों के 127 दिनों के धरने के बाद केंद्र सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले अंतरिम बजट में मनेठी एम्स के लिए 1299 करोड़ रूपये आवंटित किए थे, लेकिन चुनाव होने के बाद जुलाई 2019 केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से गठित वन सलाहकार कमेटी (एफएसी) ने अरावली क्षेत्र की जमीन बताते हुए प्रस्तावित स्थल पर निर्माण को नामंजूर कर दिया था। ऐसे में अब एक बार फिर से शनिवार को सरकार की ओर से दूसरा बजट भी पेश कर दिया गया, लेकिन मनेठी एम्स कागजों से बाहर नहीं आ सका।
चार जुलाई 2015 को बावल रैली में सीएम ने की थी घोषणा
सूबे के मुख्मयमंत्री मनोहरलाल ने केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की मौजूदगी में 4 जुलाई 2015 को बावल रैली में मनेठी में एम्स निर्माण की घोषणा की थी। रैली में उस समय के जनस्वास्थ्य राज्य मंत्री रहे डा. बनवारीलाल ने मुख्यमंत्री को क्षेत्र के 11 विधायकों के हस्ताक्षरों वाला मांगपत्र सौंपा था। लेकिन वर्ष 2018 में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर मसानी बैराज पहुंचे सीएम की ओर से दवाब में घोषणा की बात कहकर सभी को चौंका दिया था। इसके बाद ग्रामीणों ने लगातार 127 दिन तक धरना दिया था। इतना ही नहीं विरोध में 15 हजार लोगों ने गिरफ्तारी भी दी थी। वहीं केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत की ओर से लगातार प्रधानमंत्री से लेकर उस समय के स्वास्थ्य मंत्री रहे राव जेपी नड्डा के सामने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था तब जाकर अंतरिम बजट में मनेठी एम्स को जगह मिल पाई थी।
दिल्ली से रेवाड़ी होते हुए बहरोड तक आआरटीसी पर भी निराशा
दिल्ली के सराय काले खां से धारूहेड़ा व बावल होते हुए नीमरान-बहरोड तक प्रस्तावित आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) पर इस बजट में कोई बात नहीं हो सकी है। उम्मीद की जा रही थी कि इस बजट में निर्माण के लिए वित्तीय मंजूरी मिल जाएगी। बता दें कि पहले चरण में 106 किलोमीटर हिस्से का निर्माण होगा। इसमें सराय कालेखां से गुरुग्राम, शाहजहांपुर, नीमराना व बहरोड़ तक रेलवे ट्रैक का निर्माण होगा। इस पर कुल 16 स्टेशन होंगे। इसमें 71 किलोमीटर का ट्रैक एलिवेटेड होगा और 11 स्टेशन होंगे। ट्रैक का 35 किलोमीटर का हिस्सा अंडरग्राउंड होगा और 5 स्टेशन होंगे। इनमें दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के 8 स्टेशनों के इंटरचेंज की सुविधा भी मिलेगी। पहले चरण को वर्ष 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रोजेक्ट पर 24 हजार 975 करोड़ रुपये होंगे खर्च
दिल्ली, गुरुग्राम-शाहजहांपुर, नीमराना, बहरोड़ अर्बन कॉम्प्लेक्स प्रोजेक्ट पर 24 हजार 975 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। इसमें 20 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार तथा 20 प्रतिशत का हिस्सा राज्य सरकार देगी। 60 प्रतिशत का हिस्सा विभिन्न वित्तीय मदद से उपलब्ध कराया जाएगा।
यहां बनाए जाने हैं स्टेशन
सराय काले खां, जोरबाग, मुनरिका, एयरो-सिटी, उद्योग विहार, सेक्टर 17, राजीव चौक, खेड़की धौला, मानेसर, पंचगांव, बिलासपुर चौक, धारूहेडा, एमबीआईआर, रेवाड़ी, बाबल, एसएनबी।
रेवाड़ी-पलवल रेल लाइन पर भी मिली निराशा
रेवाड़ी से पलवल के बीच रेल लाइन का प्रस्ताव भी दशकों पुराना है। जिला के ड्राफ्ट मास्टर प्लान में भी इस लाइन के लिए जगह निर्धारित की जा चुकी है।, लेकिन वर्षों से बजट में इसका जिक्र नहीं हो पा रहा है। इस बार भी बजट में इस प्रोजेक्ट को शामिल नहीं किया गया है।
एम्स को लेकर उतावले हैं लोग
एम्स संघर्ष समिति के प्रवक्ता एडवोकेट राजेंद्र यादव ने कहा कि अंतरिम बजट में मनेठी एम्स को लिए बजट का आवंटन हो चुका है। अभी किसानों की ओर से भूमि पोर्टल पर जमीन देने की प्रक्रिया चल रही है। किसानों की ओर से इस प्रक्रिया को जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। एम्स निर्माण को लेकर सभी उतावले हैं।