फोटो : 3कार्रवाई को लेकर प्रदर्शन करते बसपा के पदाधिकारी। संवाद
रेवाड़ी। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को एडीजीपी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर लघु सचिवालय के परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह आत्महत्या सिर्फ एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं बल्कि जातिवादी मानसिकता की गहरी जड़ें उजागर करने वाली घटना है।
बसपा ने ज्ञापन में कहा है कि पूरण कुमार ने आत्महत्या से पूर्व अपने सुसाइड नोट में स्पष्ट लिखा कि उन्हें उनकी जाति के कारण अपमानित किया गया। उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों डीजीपी शत्रुजीत कपूर और एसपी रोहतक नरेंद्र पर मानसिक उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया।
ज्ञापन में कहा गया है कि यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 112 (आत्महत्या के लिए उकसाने) और अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के अंतर्गत गंभीर अपराध बनता है।
लक्ष्मी बाई, गोपाल सिंह ने मांग की है कि दोषियों को गिरफ्तार किया जाए। मामले की जांच उच्चतम न्यायालय या राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की निगरानी में कराई जाए। पूरे मामले में पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा मुख्य न्यायाधीश पर हमले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है।