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Haryana Politics: रेवाड़ी-धारूहेड़ा चुनाव में भाजपा ने उम्मीदवारों पर लगाई मुहर, राव इंद्रजीत खेमे को बढ़त

Thu, 23 Apr 2026 11:25 AM IST
Naveen संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा)

सार

रेवाड़ी सीट पर टिकट को लेकर पार्टी के भीतर काफी खींचतान देखने को मिली। अंतिम समय तक डॉ. हर्षा निंबल और उषा कांटीवाल संगठन की पसंद के उम्मीदवार के रूप में उभरकर सामने आई थीं और उन्होंने राव इंद्रजीत सिंह समर्थक विनिता पीपल को कड़ी चुनौती दी।
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विनीता पीपल और अजय जांगड़ा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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भारतीय जनता पार्टी ने रेवाड़ी और धारूहेड़ा नगर निकाय चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मुहर लगा दी है। पार्टी ने केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की पसंद को प्राथमिकता देते हुए रेवाड़ी से पूर्व चेयरमैन विनिता पीपल और धारूहेड़ा से निवर्तमान नगर पालिका उपप्रधान अजय जांगड़ा को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इसके साथ ही अब दोनों सीटों पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है।

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रेवाड़ी में भाजपा उम्मीदवार विनिता पीपल का सीधा मुकाबला कांग्रेस की प्रत्याशी निहारिका से होगा, जबकि धारूहेड़ा में अजय जांगड़ा के सामने कांग्रेस की कुमारी राज चुनौती पेश करेंगी। दोनों ही सीटों पर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो चुकी है और चुनावी मुकाबला कांटे का माना जा रहा है।

स्थानीय समीकरणों के साथ-साथ अनुभव को मिली प्राथमिकता
रेवाड़ी सीट पर टिकट को लेकर पार्टी के भीतर काफी खींचतान देखने को मिली। अंतिम समय तक डॉ. हर्षा निंबल और उषा कांटीवाल संगठन की पसंद के उम्मीदवार के रूप में उभरकर सामने आई थीं और उन्होंने राव इंद्रजीत सिंह समर्थक विनिता पीपल को कड़ी चुनौती दी। हालांकि, संगठन और नेतृत्व ने विनिता पीपल के नाम पर सहमति बनाई और उन्हें उम्मीदवार घोषित कर दिया गया। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि इस बार पार्टी ने स्थानीय समीकरणों के साथ-साथ अनुभव को भी प्राथमिकता दी है।
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अजय जांगड़ा ने बाजी मारी
वहीं, धारूहेड़ा में भी टिकट को लेकर मंथन चला, लेकिन अंत में अजय जांगड़ा ने बाजी मार ली। अजय जांगड़ा पहले से ही नगर पालिका उपप्रधान के पद पर कार्यरत हैं और स्थानीय स्तर पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। दोनों उम्मीदवारों का राव इंद्रजीत सिंह के करीबी होना भी टिकट चयन में अहम फैक्टर माना जा रहा है।

विनिता पीपल का राजनीतिक सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। वह राव इंद्रजीत सिंह के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुई थीं। वर्ष 2014 में प्रदेश में पहली बार भाजपा की सरकार बनने के बाद 2016 में विनिता पीपल भाजपा के समर्थन से नगर परिषद की चेयरमैन चुनी गई थीं। इस बार रेवाड़ी नगर परिषद चेयरमैन का पद अनुसूचित जाति (एससी) महिला के लिए आरक्षित है, जिससे उनकी दावेदारी और मजबूत हो गई।

विनिता पीपल जाटव समाज से संबंध रखती हैं और उनका राजनीतिक व पारिवारिक आधार भी मजबूत है। उनके ससुर मोहन लाल पीपल दो बार पटौदी से विधायक रह चुके हैं और वे संसदीय सचिव के साथ-साथ विभिन्न सरकारी पदों पर भी कार्य कर चुके हैं। पीपल परिवार का शुरू से ही रामपुरा हाउस से जुड़ाव रहा है, जो क्षेत्रीय राजनीति में प्रभावशाली माना जाता है।

अब जबकि भाजपा ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, दोनों सीटों पर चुनावी जंग और भी रोचक हो गई है। कांग्रेस भी पूरी ताकत के साथ मैदान में है, जिससे आने वाले दिनों में प्रचार अभियान और तेज होने की संभावना है। स्थानीय मुद्दे, जातीय समीकरण और नेताओं की व्यक्तिगत पकड़ इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

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