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Rewari News: बूढ़पु में 35 एकड़ में विकसित हो रहा बायोडायवर्सिटी पार्क

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बूढ़पुर में निर्माणाधीन राव मोहर सिंह बायोडायवर्सिटी पार्क का निरीक्षण करते वन बल प्रमुख पीसी म
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35 एकड़ में विकसित हो रहा बायोडायवर्सिटी पार्क, मॉडल के रूप में विकसित करने के निर्देश
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रेवाड़ी। गांव बूढ़पुर में 33 करोड़ की लागत से 35 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे राव मोहर सिंह बायोडायवर्सिटी पार्क का रविवार को वन बल प्रमुख पीसी मीणा ने निरीक्षण किया। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को पार्क को पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और आधुनिक सुविधाओं से युक्त मॉडल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पार्क में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। मंत्री के प्रवक्ता हरिंद्र यादव ने बताया कि पार्क में 100 से अधिक वानस्पतिक प्रजातियां लगाई जा रही हैं। यहां रनिंग ट्रैक, वॉकिंग पगडंडी, नेचुरल वॉक-वे और पिकनिक स्पॉट विकसित किए जा रहे हैं।
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युवाओं और बुजुर्गों के लिए ओपन योगा सेंटर, योग उपकरण और मेडिटेशन जोन बनाए जाएंगे। बच्चों के लिए आधुनिक झूले और लोगों के बैठने के लिए टीन शेड युक्त बैठक स्थल भी विकसित किए जाएंगे।
अधिकारियों ने पार्क के विकास में ग्रामीणों की ओर से मिल रहे सहयोग की सराहना की। टीम ने परिसर में स्थित पारंपरिक छतरी का निरीक्षण किया और बाबा भैया जी के मंदिर में पूजा-अर्चना की। अधिकारियों ने कहा कि विकास कार्यों के दौरान क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का पूरा सम्मान रखा जाएगा।
इस दौरान वन कंजर्वेटर सुभाष यादव, बायोडायवर्सिटी बोर्ड से डॉ. सुरेंद्र यादव, रेवाड़ी के डीएफओ दीपक नंद, कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के निजी प्रवक्ता हरिंद्र यादव, डॉ. योगेश यादव समेत वन विभाग के अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और ग्रामीण मौजूद रहे।

बाबू राव मोहर सिंह के नाम से बनेगा मुख्य द्वार
पार्क के प्रवेश पर बाबू राव मोहर सिंह के नाम से मुख्य द्वार बनाया जाएगा। अधिकारियों और पर्यटकों के लिए विश्राम गृह भी प्रस्तावित है। परिसर में मौजूद पारंपरिक जोहड़ का कायाकल्प कर उसके चारों ओर ट्रैक और हरियाली विकसित की जाएगी।
पक्षियों के लिए बनाए जाएंगे पक्षी घर
पौधों की सिंचाई के लिए भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जा रही है। जरूरत के अनुसार समर्सिबल बोरवेल और मोटर भी लगाई जा रही हैं। पक्षियों के लिए पक्षी घर बनाए जाएंगे और मोर, टिटहरी समेत अन्य पक्षियों के अनुकूल प्राकृतिक वातावरण विकसित किया जाएगा।
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विद्यार्थियों के लिए बनेगा लर्निंग हब :
पार्क को पर्यावरण शिक्षा और शोध के केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बाउंड्री वॉल, फेंसिंग और अन्य विकास कार्यों की समीक्षा की। वन बल प्रमुख ने कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने और सभी निर्माण निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
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