कुंड। ग्राम गोठड़ा अहीर स्थित सैनिक स्कूल की दो दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का समापन हुआ। मुख्यातिथि के रूप में शौर्य चक्र विजेता कर्नल ललित कुमार शर्मा पहुंचे।
स्टाफ बनाम कैडेट टीम की रस्साकशी प्रतियोगिता भी की गई। इसमें कैडेट विजयी रहे। मुख्य प्रतियोगिताएं वरिष्ठ (कक्षा 9-12), कनिष्ठ (कक्षा 7-8), कनिष्ठतम (कक्षा 6) सदनों के लड़का व लड़की खिलाड़ियों के मध्य 100 मीटर व 4 गुणा 100 मीटर रिले दौड़ आकर्षण का केंद्र रहीं। प्रतियोगिताओं में कैडेट नेहल, कैडेट सचिन, कैडेट दीक्षिता, कैडेट युवराज, कैडेट प्रेरित, कैडेट आयुष, कैडेट कमल, कैडेट अंकित स्वर्ण पदक विजेता रहे।
अन्य विजेता खिलाड़ियों को भी रजत व कांस्य पदक तथा प्रमाण पत्र देकर उनका उत्साह बढ़ाया गया। साथ ही विभिन्न प्रदर्शनों को गिफ्ट हैम्पर देकर सम्मानित किया गया। वर्ष की प्रतिष्ठित कॉक हाउस ट्रॉफी कटारी सदन ने प्राप्त की जिसे सदन अध्यापक दिनेश कुमार महलान, सदन अनुशिक्षकों मनोज कुमार ओझा, मुशाहिद हुसैन, मनोज कुमार व सदन कप्तान कैडेट आकाश तथा उपकप्तान कैडेट अभिषेक ने ग्रहण किया।
सर्वश्रेष्ठ एथलीट ट्रॉफी कैडेट प्रेरित को दी गई। इसके साथ ही खेल, शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम ट्रॉफियां कटारी, करिअप्पा व सुब्रोतो सदनों ने प्राप्त की। वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता की चैंपियन ट्रॉफी अलग-अलग वर्गों में कटारी व रेज़ांगला सदन ने प्राप्त की। 100 मीटर स्टाफ की दौड़ के लिए प्रथम भवानी, द्वितीय विष्णु व तृतीय स्थान पर दुर्वेश को सम्मानित किया गया। वहीं, कैडेटों को मिठाई पैकेट वितरित किये गए। साथ ही विद्यालय वार्षिक पत्रिका रेवाड़ी रेज को भी अनावृत किया।
नेतृत्व क्षमता से जीवन के आवश्यक कौशलों का होता है विकास:
मुख्यातिथि कर्नल ललित कुमार शर्मा ने व्यायाम व खेलों को विद्यार्थी जीवन का अनिवार्य अंग बताया। इससे खिलाड़ियों में अनुशासन, समूह भावना, नेतृत्व क्षमता जैसे जीवन के आवश्यक कौशलों का विकास होता है। उन्होंने कहा कि आज इस प्रतिष्ठित संस्थान के मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित होना बहुत सम्मान की बात है। आज खिलाड़ियों की लगन और बेहतरीन प्रदर्शन की भावना उन एथलीटों की अथक ट्रेनिंग तथा अध्यापकों व कोचों के मार्गदर्शन का परिणाम है, जिन्होंने इस आयोजन को अंजाम तक पहुंचाया। खेल सिर्फ़ ताकत और हुनर का मुकाबला ही नहीं अपितु चरित्र निर्माण, मुकाबले की गर्मी, अनुशासन, टीम वर्क और गिरने के बाद उठने की विनम्रता भी सिखाते हैं।
जीत हासिल करने पर खुशी जाहिर करते विजेता खिलाड़ी। स्रोत : स्कूल