डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं और एबीएचए आईडी के बारे में बताते उमेश सैनी। विवि
रेवाड़ी। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में एबीएचए आईडी को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और प्रतिभागियों को एबीएचए आईडी के महत्व, उपयोगिता और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी गई।
हरियाणा के एचएमआईएस मैनेजर एवं एबीडीएम उमेश सैनी ने बताया कि एबीएचए आईडी नागरिकों की डिजिटल स्वास्थ्य पहचान के रूप में विकसित की गई है। इसके माध्यम से व्यक्ति अपने स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित और व्यवस्थित रख सकता है।
उन्होंने एबीएचए आईडी के सुरक्षित डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड, स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी सुविधाजनक तरीके से साझा करने जैसे लाभों के बारे में बताया। प्रतिभागियों को आईडी बनाने और इसके उपयोग की प्रक्रिया भी समझाई गई।
उप सिविल सर्जन डॉ. जोगेंद्र तंवर ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और आम नागरिकों को डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली से जोड़ना है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं एबीएचए आईडी बनवाने के साथ परिवार और परिचितों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल और सुगम बनाने के लिए एबीएचए आईडी को आवश्यक किया गया है। कार्यक्रम में फार्मास्युटिकल साइंस के प्रो. डॉ. सुनील कुमार, प्रो. समृद्धि तंवर, प्रो. सुशांत यादव सहित आईजीयू के स्टाफ सदस्य और विद्यार्थी मौजूद रहे।