बावल। बावल स्थित सरकारी कृषि महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए खुशखबरी है। लंबे समय से छात्रों को हॉस्टल की कमी का सामना करना पड़ रहा था लेकिन अब इस समस्या का समाधान होने जा रहा है। परिसर में एक आधुनिक बॉयज हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा जिससे छात्रों को बेहतर आवासीय सुविधा मिल सकेगी।
इस नए हॉस्टल का निर्माण लगभग 8.10 करोड़ रुपये से किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट कृषि शिक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निर्माण कार्य के लिए सभी आवश्यक टेंडरिंग और कागजी प्रक्रियाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं। इस आधुनिक हॉस्टल में कुल 91 कमरे बनाए जाएंगे जिनमें एक साथ 201 विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था होगी। हर कमरे को छात्रों की सुविधा के अनुसार डिजाइन किया जाएगा ताकि उन्हें एक आरामदायक और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस
हॉस्टल में केवल आवास ही नहीं बल्कि आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें कॉमन रूम, डाइनिंग हॉल, स्टडी रूम और मनोरंजन के लिए विशेष स्थान शामिल होंगे। इससे छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक विकास के लिए भी बेहतर वातावरण मिलेगा।
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निर्माण अगले महीने से शुरू होने की संभावना
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार की देखरेख में यह पूरा प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा। उम्मीद है कि अगले महीने यानी जून से इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इसे तय समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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छात्रों की संख्या में वृद्धि
पिछले कुछ वर्षों में कृषि शिक्षा के प्रति युवाओं का रुझान तेजी से बढ़ा है। इसी कारण बावल कृषि महाविद्यालय में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। बढ़ती छात्र संख्या के कारण हॉस्टल की आवश्यकता और भी ज्यादा महसूस की जा रही थी। महाविद्यालय परिसर में पहले से ही कई विकास कार्य जारी हैं। यहां परीक्षा हॉल और ई-लाइब्रेरी तैयार हो चुकी है, जबकि ऑडिटोरियम का कार्य अंतिम चरण में है। इससे कॉलेज को एक आधुनिक शैक्षणिक संस्थान के रूप में विकसित किया जा रहा है।
वर्जन:
नए बॉयज हॉस्टल के बनने से छात्रों को लाभ मिलेगा। दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों को अब कैंपस में ही सुरक्षित आवास मिलेगा जिससे वे अपनी पढ़ाई और शोध कार्य पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
- डॉ. नरेश कौशिक, प्रिंसिपल, बावल कृषि महाविद्यालय