कुंड। सेना की रेजिमेंट 198 आर्टिलरी के अधिकारी बांग्लादेश सरकार की ओर से प्रदत्त प्रशस्ति पत्र व सम्मान चिह्न लेकर गांव खालेटा में शहीद रामकरण के स्मृति स्थल पर पहुंचे। वीर सैनिक गांव खालेटा निवासी अमर शहीद रामकरण ने 14 दिसंबर 1971 को चटगांव में समर स्थल पर अपना बलिदान दिया था।वी
नायब सूबेदार जी.एस.बाजवा, सूबेदार मेजर रतन सिंह, राकेश यादव व अनिल यादव शनिवार को जैसे ही गांव में पहुंचे तो ग्राम पंचायत व ग्रामवासियों, भूतपूर्व सैनिकों ने उनका सम्मान किया। सैनिक जवानों ने शहीद रामकरण की प्रतिमा पर फूल मालाएं चढ़ाकर शहीद को श्रद्धांजलि दी। सेना के अधिकारियों ने बताया कि देश के जिन सैनिक वीरों ने अपना सर्वोच्च बलिदान देकर 1971 के युद्ध में बांग्लादेश की सुरक्षा की और उनको आतंक और जुल्म की आग से बचाया था। उन भारत माता के वीर सपूतों को अब बांग्लादेश सरकार याद करके सम्मान कर उनका आभार प्रकट कर रही है।
इस भव्य समारोह में सैनिक जवानों ने बांग्लादेश द्वारा प्रदत्त सम्मान पत्र वह पुस्तक शहीद के बड़े भाई सूबेदार ताराचंद को प्रदान किए। सम्मान कार्यक्रम में शुभराम शास्त्री ने शहीदों के शौर्य व बलिदान का महत्व बताया। उन्होंने कविता के माध्यम से शहीद रामकरण के जीवन व उनके पराक्रम को अपने काव्यात्मक वर्णन हृदयग्राही से दर्शाया। जिसे सुनकर श्रोतागण आत्म भावविभोर हो गए। सम्मान समारोह में गांव के सेवानिवृत्ति सेनानी अपने बड़े ही जोश क़े साथ उपस्थित रहे। जिन्होंने भारत माता का जयघोष करते हुए अमर शहीद रामकरण को उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि भेंट करके याद किया। इस मौके पर सभी ने माल्यार्पण करके शहीद रामकरण को याद करके बांग्लादेश सरकार द्वारा शहीदों को सम्मान देने पर बड़ा ही हर्ष व्यक्त किया।