संवाद न्यूज एजेंसी
बावल। गांव कमालपुर मुड़नवास और इब्राहिमपुर में गुर्जर समाज की पंचायत लखमीचंद की अध्यक्षता में हुई। इसमें सर्व सम्मति से फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के साथ ही कुरीतियों को दूर करने का निर्णय लिया गयाि
गुर्जर समाज के जिला प्रधान चरण सिंह ने बताया कि गांव की बैठक में समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने, युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करने और डीजे नहीं बजाने का सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया। यह तय किया गया कि भात न्योतने बहन बेटियां 11 से अधिक न आएंगी न जाएंगी, ताकि फिजूलखर्ची बंद हो। बच्चा होने के बाद छूछक लेने-देने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई गई है। लड़का होने पर छठी की रात्रि बर्तन बांटने की प्रथा बंद करने का निर्णय लिया गया है। लड़की को रोकने पांच आदमी जाएंगे व दूल्हे के गले में 5100 रुपये से अधिक की माला नहीं पहनाई जाएगी। शादी में बार नहीं लगाया जाएगा। बुजुर्गों का परोसा बंद और शराब का ठेका बंद करना सहित अनेक फैसले लेकर गावों में जागरूकता फैलाने का फैसला लिया है। लोगों ने कहा कि फिजूल खर्ची पर रोक लगेगी और दोनों पक्ष पर आर्थिक रूप से फायदा होगा। समाज में युवाओं को शिक्षा की और अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
बखापुर गांव में 2 मार्च को होगी पंचायत
गुर्जर समाज प्रधान चरण सिंह ने फैसले को समाज हित में बताते हुए कहा कि इस फैसले को जिला स्तर पर लागू किया जाएगा। इसके लिए 2 मार्च को समाज ने बखापुर गांव में एक पंचायत बुलाई है, जिसमें अनेक अहम फैसले लिए जाएंगे और जिलेभर से समाज के लोग पहुंचेंगे। इस अवसर पर लखमीचंद पूर्व सरपंच, धर्मबीर सरपंच, कालूराम, रामोतार, रतिराम, बीरेंदर सिंह, रतनसिंह, बालाराम, सुभाष नम्बरदार मौजूद रहे।