रेवाड़ी। नाबालिग बच्चियों से छेड़छाड़ और उन्हें जान से मारने की धमकी देने के मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. मैनपाल रामावत ने आरोपी ऑटो चालक को दोषी करार देते हुए उसे तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही दोषी पर 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। आरोपी ऑटो चालक और पीड़ित बच्चियां एक ही गांव के निवासी हैं। बच्चियों को घर छोड़ने के बहाने ऑटो में बैठाया गया था।
एसपी कार्यालय की विज्ञप्ति के अनुसार 21 दिसंबर 2025 को क्षेत्र के एक गांव की 13 वर्षीय बच्ची अपनी अन्य नाबालिग सहेलियों के साथ छात्रवृत्ति परीक्षा देने गुड़ियानी गई थी। परीक्षा खत्म होने के बाद गांव का ही एक ऑटो चालक उन्हें घर छोड़ने के बहाने ऑटो में बैठाकर रेवाड़ी के बीएमजी मॉल और अन्य सुनसान जगहों पर ले गया।
आरोप है कि वहां उसने बच्चियों के साथ छेड़छाड़ की और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। बच्ची के परिजनों की शिकायत पर कोसली थाना पुलिस ने छेड़छाड़ और पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में आरोपपत्र दाखिल की। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने ऑटो चालक को दोषी करार देते हुए तीन साल की कैद और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
शिकायत के आधार पर अभियोग अंकित करें:
पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि सभी थाना प्रबंधक, चौकी इंचार्ज व अनुसंधानकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि महिला विरुद्ध अपराध व पॉक्सो अधिनियम के तहत शिकायत का बिना किसी विलंब के शिकायत के आधार पर अभियोग अंकित करें। साथ ही महत्वपूर्ण व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी पुलिस कार्रवाई करते हुए न्यायालय में आरोपियों को दंड व पीड़ित को न्याय दिलाने का कार्य करें।