रेवाड़ी। कोविड-19 के बीच फ्रंटलाइन पर काम कर रहे संस्थान और अस्पतालों को निशाना बनाने के लिए साइबर अपराधी बड़ी साजिश रच रहे हैं। इसके लिए इंटरपोल की ओर से चेतावनी जारी की गई है। पुलिस अधीक्षक नाजनीन भसीन ने कहा कि अभूतपूर्व शारीरिक खतरों का सामना कर कोरोनो वायरस के खिलाफ लड़ाई की अग्रिम पंक्ति में खड़े अस्पतालों और अन्य संस्थानों को अब साइबर अपराधियों से एक और खतरा भी है। रैंसमवेयर नामक के इस हमले से बचाने के लिए कुछ उपाय करने जरूरी है। इंटरपोल की तरफ से दी गई जानकारी में सामने आया है कि साइबर अपराधी अस्पतालों और चिकित्सा सेवाओं को डिजिटल रूप से हैक करने के लिए रैंसमवेयर का उपयोग कर रहे हैं। जब तक फिरौती का भुगतान नहीं किया जाता है, तब तक उन्हें महत्वपूर्ण फाइलों और प्रणालियों तक पहुंचने से रोकना है।
साइबर क्राइम थ्रेट रिस्पांस टीम गठित
एसपी ने बताया कि इस बढ़ते खतरे के जवाब में साइबर क्राइम थ्रेट रिस्पांस टीम कोविड-19 से संबंधित सभी साइबर खतरों की निगरानी कर रही है। एसपी ने बताया कि अस्पतालों को इसलिए निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है कि वे दुनिया भर में कोरोना वायरस से पीड़ित व्यक्तियों की भलाई को संरक्षित करने के लिए गैर-स्टॉप काम कर रहे हैं। वे साइबर अपराधियों के लिए लक्ष्य बन गए हैं, जो बीमार रोगियों की कीमत पर लाभ कमाना चाहते हैं। साइबर अपराधी अस्पतालों को उनके महत्वपूर्ण सिस्टम से बाहर रखने से न केवल इन अभूतपूर्व समय के दौरान आवश्यक चिकित्सा प्रतिक्रिया में देरी होगी, इससे सीधे मौतें हो सकती हैं। एसपी ने बताया कि इंटरपोल की ओर से कोविड-19 से संबंधित संदिग्ध इंटरनेट डोमेन की एक सूची एकत्र कर रहा है और आगे का विश्लेषण और मूल्यांकन कर रहा है।
ई-मेल से फैलता है रैंसमवेयर
एसपी ने बताया कि रैंसमवेयर मुख्य रूप से ईमेल के माध्यम से फैलता हुआ दिखाई देता है। अक्सर एक सरकारी एजेंसी से कोरोना वायरस के बारे में जानकारी या सलाह शामिल करने का झूठा दावा करता है, जो प्राप्तकर्ता को संक्रमित लिंक या अनुलग्नक पर क्लिक करने के लिए प्रोत्साहित करता है। ऐसे हमलों को रोकने के लिए महत्वपूर्ण हैं, खासकर उन अस्पतालों जैसे फ्रंटलाइन संगठनों के लिए जो सबसे अधिक जोखिम का सामना कर रहे हैं। ऐसे में रैंसमवेयर हमले न हो इसके लिए अस्पताल और स्वास्थ्य सेवा कंपनियां सुनिश्चित करें कि उनके सभी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर नियमित रूप से अद्यतित रहें। उन्हें सभी आवश्यक फाइलों का बैकअप लेने और उन्हें अपने मुख्य सिस्टम से अलग रखने जैसे मजबूत सुरक्षा उपायों को भी लागू करना चाहिए।
इन बातों का ध्यान रखना जरूरी
-केवल खुले ईमेल या विश्वसनीय स्रोतों से सॉफ्टवेयर/एप्लिकेशन डाउनलोड करें
- उन लिंक पर क्लिक न करें या ईमेल में अटैचमेंट न करें जिन्हें आप किसी अनजान प्रेषक से प्राप्त करने या आने की उम्मीद नहीं कर रहे थे।
-स्पैम से बचाने के लिए सुरक्षित रखे ईमेल सिस्टम वरना वो भी हो सकता है।
-अक्सर सभी महत्वपूर्ण फाइलों का बैकअप लें, और उन्हें अपने सिस्टम से स्वतंत्र रूप से संग्रहीत करें (उदाहरण के लिए क्लाउड में, बाहरी ड्राइव पर)
-.सुनिश्चित करें कि आपके पास सभी प्रणालियों और मोबाइल उपकरणों पर नवीनतम एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर स्थापित है, और यह लगातार चल रहा है
-.सभी प्रणालियों के लिए मजबूत, अद्वितीय पासवर्ड का उपयोग करें, और उन्हें नियमित रूप से अपडेट करें।