फोटो : 27 सिविल अस्पताल परिसर में पहुंचा हरियाणा आशा वर्कर यूनियन का जागरूकता जत्था। स्रोत :
रेवाड़ी। हरियाणा आशा वर्कर यूनियन का जागरूकता जत्था सिविल अस्पताल परिसर में पहुंचा। इस दौरान यूनियन की कार्यकर्ताओं ने शहर में रैली निकालकर लोगों को बेटियों को बचाने, उन्हें शिक्षा और बराबरी का दर्जा देने का संदेश दिया।
राज्य प्रधान सुनीता ने कार्यकर्ताओं कोकहा कि बेटियां समाज को जोड़ने वाली कड़ी हैं और उन्हें बेटों की तरह जीने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2019 की जनगणना के अनुसार प्रदेश में 1000 बेटों पर मात्र 800 बेटियां होना समाज के लिए शर्मनाक स्थिति है और यह आंकड़ा सभी को सोचने पर मजबूर करता है।
सुनीता ने बताया कि यूनियन का यह जागरूकता अभियान 29 सितंबर तक पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है, जिसमें रैलियों, बैठकों और जनसम्पर्क के जरिए लोगों को बेटियों के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि समाज की सोच बदली जाए और बेटियों को समान शिक्षा, अधिकार और सम्मान दिया जाए तभी सही मायने में समानता स्थापित हो सकेगी। राज्य प्रधान ने इस अवसर पर यह भी कहा कि लगातार घटता बेटियों का अनुपात समाज और देश के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
इसलिए समाज में बेटियों के प्रति जागरूकता फैलाना समय की आवश्यकता है। रेवाड़ी पहुंचने पर आशा वर्कर यूनियन की जिला अध्यक्ष सुनीता यादव, आशा कोऑर्डिनेटर सुनीता यादव, कविता, सरोज और अन्य कार्यकर्ताओं ने जत्थे का स्वागत किया।