भाड़ावास मार्ग पर पड़ी लकड़ी। संवाद
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रेवाड़ी। ठंड के दस्तक देते ही बाजारों में ठंड से संबंधित सामान की खरीदारी शुरू हो गई है। गर्म कपड़ों की खरीदारी के साथ-साथ कोयला व लकड़ी की भी बिक्री बढ़ गई है। हालांकि प्रदूषण के चलते इनके प्रयोग को लेकर विशेष निर्देश भी हैं।
बाजार में लकड़ी की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सामान्य दिनों में लकड़ी 6 से 7 रुपये प्रति किलो बिकती थी लेकिन ठंड शुरू होते ही कीमत 9 से 12 रुपये प्रति किलो हो गई है।
अभी बाजार में दो तरह का कोयला मौजूद है, एक पत्थर का कोयला और दूसरा लकड़ी का कोयला। बाजार में पत्थर के कोयले की कीमत 25 रुपये प्रति किलो है तो लकड़ी का कोयला 40 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है जबकि लकड़ी के छोटे कोयले की 30 रुपये प्रति किलो में भी खरीदारी हो रही है।
पिछले सीजन की बात करें तो कोयले का मूल्य 38 रुपये प्रति किलो था। वहीं अब बढ़कर 40 रुपये प्रति किलो हो गया है। लकड़ी ईंधन की बात करें तो यह 8 रुपये प्रति किलो था जो अब 10 रुपये प्रति किलो कर दिया गया है। लकड़ी दुकानदार सर्दी के मद्देनजर अधिक स्टॉक करने में जुटे हैं ताकि ठंड के दिनों में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
ग्रैप-3 के नियमों वजह से लोग बचकर खरीदारी कर रहे
स्थानीय दुकानदार राजकुमार सैनी, हरिश यादव व सोनू ने बताया कि जैसे ही तापमान में गिरावट आती है, वैसे ही लकड़ी की मांग बढ़ जाती है। लोग घरों और दुकानों में ठंड से बचाव के लिए लकड़ी का इस्तेमाल बढ़ा देते हैं। ठंड अधिक पड़ने से डिमांड स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। दुकानदार रोशन का मानना है कि अगले तीन-चार दिनों बाद ठंड का कहर और बढ़ सकता है। ऐसे में डिमांड बढ़ेगी। आगे बताया कि ग्रैप-3 के नियमों की वजह से अभी लोग बचकर ही खरीदारी कर रहे हैं।