रेवाड़ी। डीसी राहुल हुड्डा ने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत सरकार की तरफ से कारीगरों और शिल्पकारों को नई पहचान मिली है।इसमें 3 लाख रुपये तक बिना गारंटी ऋण, 15 हजार रुपये के टूलकिट, स्किल अपग्रेडेशन के लिए स्किल ट्रेनिंग के साथ 500 रुपये प्रतिदिन स्टाइपेंड, तैयार उत्पादों के लिए क्वालिटी सर्टिफिकेशन, ब्रांडिंग और विज्ञापन जैसी मार्केटिंग सहायता उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है।
पीएम विश्वकर्मा योजना में बढ़ई, नाव निर्माता, अस्त्रकार, लोहार, हथौड़ा और टूलकिट निर्माता, ताला बनाने वाला, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, पत्थर तराशने वाला, पत्थर तोडऩे वाला जैसे कई कौशल कारीगर शामिल हैं। इस योजना के जो भी लाभार्थी होंगे उन्हें सरकार द्वारा सर्टिफिकेट और आईडी भी मिलेगी। इस योजना में परिवार का केवल एक सदस्य ही आवेदन दे सकता है। भारत सरकार की नई स्कीम पीएम विश्वकर्मा के तहत 18 श्रेणियों के कारीगरों को सस्ती ब्याज दरों पर लोन, मुफ्त औजार, प्रशिक्षण, मार्केटिंग सपोर्ट, डिजिटल ट्रांजेक्शन (यूपीआई) को प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहन, सर्टिफिकेट तथा पहचान पत्र प्रदान किया जाएगा।
पीएम विश्वकर्मा योजना की दें जानकारी: डीसी
डीसी राहुल हुड्डा ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि प्रार्थी की आयु 18 वर्ष या इससे अधिक हो और पिछले 5 वर्षों में केंद्र या राज्य सरकार की किसी भी स्वरोजगार की योजना में ऋण ना लिया हो। सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति और परिवार के सदस्य इस योजना के पात्र नहीं होंगे। सभी पात्र दस्तकार एवं कारीगर अपने आधार नंबर, मोबाइल, बैंक विवरण व राशन कार्ड के साथ सीएससी केंद्र व अटल सेवा केंद्र से पंजीकरण करवाकर योजना का लाभ ले सकते हैं।