रेवाड़ी। बढ़ती ठंड को देखते हुए नगर परिषद की ओर से शहर के पटवार भवन में स्थित रैन बसेरे को शुरू कर दिया गया है। रेवाड़ी बस स्टैंड व बावल के रैन बसेरे में अभी व्यवस्था बनाई जा रही है। हांलाकि अभी रैन बसेरों में जरूरतमंद लोग ठहरने के लिए आना शुरू नहीं हुए है।
दिसंबर व जनवरी में तापमान में गिरावट आने के बाद कड़ाके की ठंड पड़ने पर रैन बसेरों की जरूरत पड़ने वाली है। नगर परिषद के पटवार भवन स्थित रैन बसेरे में दिन व रात के लिए 2 कर्मचारी लगाए गए हैं ताकि आश्रय लेने के लिए आने वाले लोगों को परेशानी न उठानी पड़े।
प्रति वर्ष प्रशासन की ओर से रैडक्राॅस सोसाइटी व अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है और खुले में सोने वाले लोगों को कंबल भी बांटे जाते हैं।
कड़ाके की ठंड पड़ने पर प्रशासन की ओर से रात के समय शहर में सड़क पर सोए हुए लोगों को कंबल देने के साथ रैन बसेरों में भी लाया जाता है लेकिन अभी ज्यादा ठंड नहीं होने की वजह से प्रशासन की ओर से अभियान शुरू नहीं किया गया है।
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पटवार भवन रैन बसेरे में 30 लोगों की व्यवस्था
शहर में पटवार भवन स्थित रैन बसेरे में पुरुषों व महिलाओं के लिए अलग से व्यवस्था है। रैन बसेरे में बिजली-पानी सहित पलंग, रजाई, गद्दे व कंबल की व्यवस्था की जा चुकी है। पटवार भवन में बने रैन बसेरे में शरणार्थियों के लिए 30 पलंग लगा दिए गए हैं। ठंड बढ़ने के साथ ही रेलवे स्टेशन व फुटपाथ पर सोने वाले असहाय लोगों को रैन बसेरों में आश्रय दिया जाता है। रैन बसेरों में सिर्फ ठहरने की ही व्यवस्था की जाती है। शरण लेने वाले व्यक्ति को अपने खाने का खुद प्रबंध करना होगा। पटवार भवन के रैन बसेरे में दो शिफ्ट सुबह 9 से शाम 5 बजे तक कर्मचारी सुभाष व शाम 5 से सुबह 9 बजे तक ड्यूटी लगाई गई है। रैन बसेरे में रूकने वाले व्यक्ति को अपनी आईडी देनी होगी।
वर्जन:
रैन बसेरे में आने वाले व्यक्तियों को अटेंड करने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा चुकी है। यहां आने वाले लोगों के ठहरने को लेकर पूरी व्यवस्था कर दी गई है। -विकास गर्ग, जेई, नगर परिषद।