दिल्ली-जयपुर हाईवे के खेड़ा बॉर्डर व बनीपुर चौक पर पांच दिनों से चल रहे किसान आंदोलन को समर्थन देने वीरवार को इनेलो नेता अर्जुन चौटाला भी पहुंचे। उन्होंने भाई डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को चौधरी देवीलाल के परिवार के नाम पर कलंक बताया।
उन्होंने कहा कि चौधरी देवीलाल की आत्मा प्रत्येक किसान में बसती है। ऐसे में आज किसानों पर ही नहीं, ताऊ अजय चौटाला पर भी क्या बीत रही होगी, जब उनके बेटे ऐसा काम कर रहे हैं। अर्जुल चौटाला ने कहा कि इन्होंने जितने भी कदम उठाए हैं सभी किसानों के खिलाफ हैं। प्रदेश के किसान ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं करेेंगे। दुष्यंत के सरकार से बहार आने के सवाल पर चौटाला ने कहा कि आज जो भी व्यक्ति किसानों के साथ नहीं है, वह किसी का नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार केवल पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है। कश्मीर में धारा 370 हटाने से वहां के लोगों को लाभ मिलना चाहिए था, लेकिन कुछ उद्योगपतियों ने वहां पर पहले से ही सेब के गोदाम बनाने शुरू कर दिए थे। ऐसी ही स्थिति कृषि कानूनों की है।
पांच दिनों से बंद है दिल्ली-जयपुर हाईवे
दिल्ली-जयपुर हाईवे-48 के हरियाणा-राजस्थान सीमा स्थित रेवाड़ी के खेड़ा बॉर्डर पर किसान रविवार से धरने पर बैठे हुए हैं। यहां पर संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर किसान आंदोलित हैं। स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव की अगुवाई में राजस्थान, गुजरात व हरियाणा के कई जिलों के किसान धरने पर हैं। जयपुर से दिल्ली की ओर जाने वाला हाईवे पांच दिनों से बंद है। किसानों का जमावड़ा दो किमी. तक हाईवे पर फैल चुका है। वहीं बनीपुर चौक पर बावल चौरासी खाप व भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर धरना चल रहा है। यहां पर बावल चौरासी खाप के प्रधान सुमेर सिंह जेलदार व किसान यूनियन की ओर से रामकिशन महलावत ने मोर्चा संभाल रखा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संगठन किसान संघ के प्रधान भजनलाल भी धरने पर बैठे हुए हैं। रामकिशन महलावत ने बताया कि 20 दिसंबर को आंदोलन में मारे गए शहीद किसानों की याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद संयुक्त रूप से दिल्ली की ओर किसान कूच करेंगे।