बावल। नगर पालिका के उपाध्यक्ष पद के चुनाव में अर्जुन चौकन को विजयी घोषित किया गया है। उनके मुकाबले में सुखबीर सिंह थे। दोनों प्रत्याशियों के बीच ईवीएम से चुनाव कराया गया। 13 नगर पार्षद एवं एक चेयरमैन मतदान में शामिल हुए थे। इस दौरान कुल 14 मत पड़े। दोनों को 7 -7 वोट मिले थे, जिसके बाद पर्ची निकाल कर चौकन को विजेता घोषित किया गया।
नव निर्वाचित नपा उपाध्यक्ष अर्जुन चौकन सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल के समर्थक बताए जाते हैं, जबकि उनके विपक्ष में पार्षद सुखबीर सिंह मैदान में थे। सुबह साढ़े दस बजे से नगर पालिका परिसर में चुनाव को लोग जुट गए थे। मतदान होने तक किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई। पहले दिन अर्जुन चौकन, देवेंद्र और सुखबीर सिंह के नाम सामने आ रहे थे। इस दौरान देवेंद्र का नाम हट गया। इसके बाद नामांकन के दौरान केवल अर्जुन और सुखबीर का नाम सामने आया।
बावल नगर पालिका के वार्ड 7 से पार्षद अर्जुन और वार्ड 5 से पार्षद सुखबीर सिंह पालिका में प्रतिनिधित्व करते हैं। 14 मतों में से विजेता को केवल 8 मत चाहिए थे। चूंकि चुनाव में चेयरमैन विरेंद्र सिंह महलावत का पलड़ा हल्का नजर आ रहा था। हालांकि बराबर मत मिलने के कारण पर्ची से निर्णय निकाला गया। अगर दोनों पार्षद इसके लिए सहमत नहीं होते तो इस चुनाव की प्रक्रिया पुन: रद्द की जा सकती थी। फिलहाल एसडीएम बावल संजीव कुमार की ओर से एडवोकेट अर्जुन चौकन को विजेता प्रमाणपत्र सौंप दिया गया है। मतदान के दौरान इस परिसर के बाहर कड़ी पुलिस व्यवस्था देखी गई। अहम बात यह है कि इस चुनावी बैठक के दौरान मीडियाकर्मियों को मीडिया कवरेज पर भी एसडीएम बावल ने रोक लगाई हुई थी। हालांकि चुनाव आयोग की ओर से इस संबंध में प्रशासन को कोई आदेश या निर्देश जारी नहीं किए गए थे। इससे पत्रकारों में नाराजगी देखी गई।
उधर, चुनाव के चलते एसडीएम बावल के कार्यालय में आने वाले फरियादी एवं उपमंडल अदालत में तारीख पर सुनवाई के लिए आए लोग परेशान रहे। हालांकि इस चुनाव को लेकर जनसाधारण को कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी, जिसकी वजह से लोग भी काफी नाराज दिखाई दिए। नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष अर्जुन चौकन ने इस चुनाव के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल, प्रशासन और सभी पार्षदों का आभार जताने के साथ ही इस चुनाव में क्रॉस वोटिंग नहीं होने की बात कही। उन्होंने सभी के सहयोग से बावल का विकास कराने का दावा किया।