रेवाड़ी। जिले में मौसम में बदलाव के बीच वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। वीरवार को अपराह्न 4 बजे जिले का अधिकतम वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 233 दर्ज किया गया जो इस सीजन में अब तक का सबसे अधिक स्तर है।
बुधवार को एक्यूआई 125 दर्ज किया गया था। एक दिन में एक्यूआई में 108 अंकों की बढ़ोतरी होने से हवा की गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई है। प्रदूषण का स्तर बढ़ने से लोगों की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। विशेषकर सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों, बुजुर्गों और बच्चों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
वायु गुणवत्ता सूचकांक के निर्धारित मानकों के अनुसार 201 से 300 के बीच एक्यूआई को खराब श्रेणी में रखा जाता है। इस स्तर पर लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने से अधिकांश लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में खुले में लंबे समय तक रहने और प्रदूषण के संपर्क में आने से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
सांस के मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत
फिजिशियन डॉ. मनीष ने बताया कि एक्यूआई के खराब श्रेणी में पहुंचने पर श्वांस रोगियों को दिक्कतें होती हैं। लंबे समय तक प्रदूषित वातावरण में रहने से लोगों को सांस लेने में परेशानी, खांसी और गले में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अस्थमा और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों को भी प्रदूषण के अधिक संपर्क से बचने की सलाह दी जाती है।