रेवाड़ी। शहर में केबल अंडरग्राउंड का प्रोजेक्ट कैंसिल होने के बाद विद्युत इंसुलेटर तार लगाने की मंजूरी बिजली निगम को मिल चुकी है। प्रोजेक्ट पर करीब 36 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने पहल कर भाड़ावास गेट से झज्जर रोड तक केबल अंडरग्राउंड करने के प्रोजेक्ट को लेकर प्रपोजल भिजवाया था जिसके अंतर्गत केबल अंडरग्राउंड करने की योजना थी। बीच में योजना में बदलाव लाया गया। अब खंभों पर ही विद्युत इंसुलेटर तार लगाए जाएंगे।
मौजूदा बिजली के खंभों पर ही इंसुलेटर तार लगाए जाएंगे। ये तार सामान्य तारों की तुलना में अधिक सुरक्षित होते हैं क्योंकि इन पर प्लास्टिक या रबड़ की एक परत चढ़ी होती है जिससे बिजली का झटका लगने का खतरा कम हो जाता है। यह एक सस्ता और त्वरित विकल्प है जो तुरंत सुरक्षा में सुधार लाएगा।
यह अंडरग्राउंड केबलिंग जैसा स्थाई और सौंदर्यपूर्ण समाधान नहीं है लेकिन अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्तमान में यह प्रोजेक्ट रद्द कर दिया गया है। फिलहाल, सुरक्षा और बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इंसुलेटर तारों को प्राथमिकता दी जा रही है जिसका काम जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है।
भविष्य में पूरे शहर की बिजली लाइनें होंगी अंडरग्राउंड
अधिकारियों के मुताबिक भविष्य में पूरे शहर की बिजली लाइनें अंडरग्राउंड होनी हैं लेकिन अभी कई साल लग सकते हैं। बता दें कि यह अंडरग्राउंड प्रोजेक्ट शहर के मुख्य बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में बिजली की तारों के जाल को खत्म करने के लिए प्रस्तावित था जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कम होता और शहर की सुंदरता भी बढ़ती लेकिन अभी इस योजना को रोक दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक इसमें कई तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही थीं। हालांकि भविष्य में केबल अंडरग्राउंड हो सकती हैं।
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ट्रांसफार्मर के आसपास सुरक्षा जाली की जरूरत
दूसरी तरफ अभी सबसे बड़ा खतरा ट्रांसफार्मर पर सुरक्षा जालियां न होने को लेकर भी है। शहर में कई जगह पर ऐसे ट्रांसफार्मर है जहां पर सुरक्षा जाली नहीं लगी हुई है। यहां पर हमेशा हादसों का खतरा बना रहता है। सुरक्षा जाली न होने की वजह से बारिश के समय में काफी डर बना रहता है।
वर्जन
केबल को अंडरग्राउंड करने का प्रस्ताव अभी रोक दिया है। अब विद्युत इंसुलेटर तार लगाए जाएंगे। प्लान को मंजूरी मिल चुकी है।
-पीके चौहान, एसई, बिजली निगम रेवाड़ी।