उत्तम नगर में जनगणना कार्य करते प्रगणक। संवाद
रेवाड़ी। जनगणना कार्य को लेकर जिले के शिक्षकों अपनी व्यक्तिगत व स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर मुख्यालय को आवेदन भेजे लेकिन इनमें से अधिकांश पर कोई राहत नहीं मिल पाई। इसी को लेकर शिक्षकों में असंतोष है।
करीब 20 से अधिक शिक्षकों ने अलग-अलग कारणों का हवाला देते हुए जनगणना ड्यूटी से राहत की मांग की थी। कुछ शिक्षकों ने स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का जिक्र किया, तो कुछ ने पारिवारिक जिम्मेदारियों और पहले से चल रहे शैक्षणिक कार्यों का हवाला दिया। हालांकि विभाग की ओर से इन आवेदनों को स्वीकार नहीं किया गया और सभी को नियमानुसार ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए गए।
जो आवेदन बिल्कुल जांच में ठीक पाए गए, उनको कुछ राहत भी मिली है। कई शिक्षकों ने बीमारी का हवाला देकर ड्यूटी से बचने का प्रयास भी किया, लेकिन प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए ऐसे प्रयासों को खारिज कर दिया। विभाग का स्पष्ट रुख है कि जनगणना एक राष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण कार्य है, जिसे समयबद्ध तरीके से पूरा करना आवश्यक है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जा सकती।
पहले से ही स्कूलों में पढ़ाई के साथ पोर्टल से जुड़े कार्यों का दबाव
शिक्षकों का कहना है कि पहले से ही स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं और पोर्टल से जुड़े कार्यों का दबाव बना हुआ है। ऐसे में जनगणना जैसी बड़ी जिम्मेदारी मिलने से कार्यभार और बढ़ गया है, जिससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ शिक्षकों ने यह भी कहा कि पर्याप्त संसाधनों और तकनीकी सहायता के अभाव में कार्य करना और कठिन हो जाता है।
इस स्थिति को लेकर शिक्षकों में नाराजगी जरूर है, लेकिन प्रशासन की सख्ती के चलते उन्हें जनगणना कार्य में जुटना पड़ रहा है।