संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। गोकलगढ़ गांव के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना की सर्वे कमेटी पर भेदभाव का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि गोकलगढ़ गांव के 626 गरीब परिवारों ने मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन किया था। सभी शर्तें पूरी की थी, लेकिन मौके की सर्वे पर भेदभाव किया गया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मात्र 68 परिवारों को ही योजना में शामिल किया, जोकि पूरी तरीके से गलत है। ग्रामीणों ने एचपीपीए कोऑर्डिनेटर डॉ.सतीश खोला को ज्ञापन देकर मुख्यमंत्री नायब सैनी से दोबारा सर्वे कराने की मांग की है। शुक्रवार को बाल भवन में जिले के चार गांवों में 134 लोगों को मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 100 गज के प्लॉट दिए गए थे। अतिरिक्त उपायुक्त अनुपमा अंजलि की अध्यक्षता में कमेटी के सदस्यों की उपस्थिति में प्लाटों के ड्रॉ निकाले गए थे।
जिले के चार गांवों के 1624 नागरिकों ने आवेदन किया था। इनमें गोकलगढ़ में 68, नंदरामपुर बास में 15, रतनथल में 35 तथा प्राणपुरा में 16 लाभार्थियों को ड्रॉ के माध्यम से चयन किया गया है। गोकलगढ़ से 626, नंदरामपुर बास से 654, रतनथल से 160, प्राणपुरा से 224 आवेदनकर्ताओं ने अपने आवेदन दिए थे। आवेदन उपरांत सभी आवेदनकर्ताओं को सत्यापन भी किया गया था। कुल प्लाटों का 50% गोकलगढ़ के खाते में गया है।
ग्रामीण रमेश चंद्र, राजेंद्र, हीरालाल, हितेश, श्रीभगवान, अमीन, उत्तम, नेमीचंद, लखनलाल, लक्ष्मीनारायण, कमलेश, भूपेंद्र, अमन, मंजू, राहुल, विनेश, हेमंत, सुमन, सतीश, नरेश, सीताराम, सीमा, माया देवी, नथिया देवी, हेमंत, ज्योति, कमल, रवि कुमार, दीपक प्रकरण की जांच की मांग की है।
वर्जन:
ग्रामीणों ने जो आरोप लगाए हैं, सारा मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में जरूर लाया जाएगा और जल्द उचित कार्रवाई भी कराई जाएगी। ग्रामीणों ने इसके लिए ज्ञापन दिया है। -डॉ. सतीश खोला, एचपीपीए कोऑर्डिनेटर।