संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले में चल रहा मौजूदा मौसम पशुओं को भी बीमार कर रहा है। इससे पशु ज्यादा चपेट में आ रहे हैं। सर्दी से पशुओं को बचाने के लिए पशुपालकों को उचित प्रबंध करने की जरूरत है।
जिले में 58 राजकीय छोटे व बड़े पशु चिकित्सालय हैं। यहां पर प्रतिदिन तीन से चार पशु पहुंच रहे हैं। ठंड लगने की वजह से पशुओं में पानी की कमी होने से पेशाब बंद, निमोनिया, सांस लेने में परेशानी समस्या आ रही है। पशु चिकित्सकों का कहना है कि शीतलहर व ठिठुरन भरी ठंड इंसानों के साथ पशुओं को भी चपेट में ले रही है।
ऐसे में पशुपालकों को अपने पशुओं के रख-रखाव का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि शीतलहर छोटे पशुओं को ज्यादा नुकसान पहुंचा रही है। सर्दी से बचाने के लिए पशुओं का कमरा चारों तरफ से कवर होना चाहिए। वहीं, कमरे में हवा पास की थोड़ी जगह भी जरूर होनी चाहिए।