रेवाड़ी। गर्मी और लू को देखते हुए शिक्षा विभाग ने गाइडलाइन जारी की है कि सभी स्कूलों में बच्चों को दिन में कम से कम तीन बार पानी पीने के लिए अवकाश दिया जाएगा। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर स्कूलों में ओआरएस के पैकेट्स उपलब्ध रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी प्रकार की शारीरिक गतिविधियां सुबह 10 बजे से पहले ही पूरी कर ली जाएं। इसके साथ ही स्कूलों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों को तेज धूप में न बैठाया जाए और न ही लंबे समय तक बाहर रखा जाए।
विशेष रूप से प्रार्थना सभा, खेलकूद और अन्य आउटडोर गतिविधियों को सुबह के समय तक सीमित रखने के आदेश दिए गए हैं ताकि बच्चों को गर्म हवाओं और तेज धूप के प्रभाव से बचाया जा सके। इसके अलावा सभी स्कूलों में स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करना अनिवार्य किया गया है।
शिक्षा विभाग का कहना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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गर्मी से बचाव के लिए स्कूलों में ये है निर्देश
-कोई भी आयोजन खुली धूप में न किया जाए।
-विद्यार्थियों के लिए साफ पीने के पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
-विद्यार्थियों को गर्मी से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाए और जागरूक किया जाए।
-प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) का प्रशिक्षण लिया जाए।
-खिड़कियों को एल्युमिनियम फॉइल या रिफ्लेक्टर से ढककर गर्मी अंदर आने से रोकी जाए।
-दोपहर में गर्म हवा आने वाले दरवाजों और खिड़कियों पर पर्दे लगाए जाएं।
-मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखी जाए और तापमान बदलाव के प्रति सतर्क रहें।
-विद्यार्थियों को कभी भी बंद वाहन में अकेला न छोड़ा जाए।
वर्जन
बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए सभी स्कूलों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों में पर्याप्त पेयजल, ओआरएस और छायादार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी आउटडोर गतिविधियां सुबह 10 बजे से पहले ही पूर्ण करने और बच्चों को तेज धूप से बचाने के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
-विजेंद्र हुड्डा, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।