संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। मानसून आने से पहले सड़कों को गड्ढामुक्त करने के नाम पर पैचवर्क का कार्य तो किया जा रहा है लेकिन इसकी महज खानापूर्ति की जा रही है। सड़कों पर पैचवर्क होने के साथ ही रोड़ियां उखड़ती जा रही हैं। ऐसे में बारिश होने पर सड़कों की दशा फिर पहले जैसी होने की आशंका जताई जा रही है।
शहर में बावल रोड, ब्रास मार्केट, सेक्टर तीन, सर्कुलर रोड, नाईवाली चौक, अनाज मंडी रोड और मिनी बाइपास के पास सड़क जर्जर हो गई है। सड़कों पर गड्ढे बने हैं। मानसून आने से पहले सड़कों को गड्ढामुक्त करने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने की खानापूर्ति की जा रही है। पैचवर्क के बाद किनारे से रोड़ियां उखड़ कर बिखर रही हैं। गड्ढों में गिट्टी डालकर तारकोल मिश्रित छोड़ी गिट्टियां डाली जा रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मानकों के तहत पैचवर्क नहीं किए जाने से गिट्टियां उखड़ रही हैं।
जिले में 15 जून को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आने वाले हैं। राव तुलाराम स्टेडियम में मुख्यमंत्री सभा को संबोधित करेंगे। इसको देखते हुए भी सड़कों पर पैचवर्क का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
उन सड़कों पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है, जहां से सीएम गुजर सकते हैं। 15 जून से पहले जर्जर सड़कों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है।
मानसून आने के बाद बनाई गई सड़कें खराब हो जाती है। इससे मरम्मत के नाम पर खर्च हुई धनराशि भी बेकार हो जाती है। इसको देखते हुए सरकार ने ठोस रणनीति तैयार की है और मानसून आने से पहले सड़कों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया है।
डीसी अभिषेक मीणा ने पिछले दिनों अधिकारियों के साथ बैठक कर मानसून आने से पहले सड़कों की मरम्मत कराने का निर्देश दिया था।
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पिछले वर्ष बारिश से जर्जर हुई थी सेक्टर 3 व 4 की सड़क
पिछले वर्ष सेक्टर तीन व चार की सड़क बनाई गई थी। बरसात होने के बाद सड़कें टूट कर बिल्कुल खराब हो चुकी थीं। सेक्टर 3 निवासी राजेश और सुनील ने बताया कि सड़क खराब होने का कारण बरसात ही था। अगर बरसात से पहले सड़क बना दी गई होती तो इस तरह की समस्या नहीं आती, पैसा और समय दोनों बर्बाद हुआ है। घटिया सामग्री का भी उपयोग किया गया था। सामग्री भी उचित नहीं थी।
वर्जन
सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने का कार्य चल रहा है। हमारी तरफ से जो कार्य किया जाता है, उसमें उचित सामग्री का उपयोग होता है। -सत्येंद्र, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी रेवाड़ी।