वर्तमान में वह राजेश पायलट चौक स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में तैनात हैं। शिकायत में आरोप कि विपिन कुमार भारतीय स्टेट बैंक की आरएएसईसीसी शाखा में कार्यरत है, पिछले करीब 18 महीनों से उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं।
आरोप है कि सितंबर 2025 में आरोपी ने फर्जी लेटरहेड तैयार कर पंजाब नेशनल बैंक सीपीपीसी चंडीगढ़ को एक जाली पत्र भेजा जिसमें शिकायतकर्ता की पेंशन रोकने की बात कही गई। बाद में बैंक की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि ऐसा कोई पत्र बैंक की ओर से जारी नहीं किया था।
शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने एक फर्जी ईमेल आईडी राजेश शर्मा मनेठी के नाम से बनाकर विभिन्न बैंकों और सरकारी विभागों में उनके खिलाफ झूठी शिकायतें भेजीं। इन शिकायतों के साथ उनकी सैलरी स्लिप, फॉर्म-16 और पेंशन से संबंधित दस्तावेज भी संलग्न किए गए जो कथित रूप से चोरी कर इस्तेमाल किए गए।
जांच में सामने आया कि ईमेल आईडी में इस्तेमाल मोबाइल नंबर आरोपी विपिन कुमार का ही है। साइबर जांच में आरोपी ने लापरवाही का हवाला दिया लेकिन रिकवरी ईमेल आईडी भी उसके नाम से जुड़ी पाई गई जिससे संदेह और गहरा गया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपी अब तक करीब 32 फर्जी शिकायतें कर चुका है जिससे उन्हें आर्थिक, सामाजिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ी है। विरोध करने पर आरोपी ने कथित रूप से जान से मारने की धमकी भी दी और अपने राजनीतिक व पुलिस संपर्कों का डर दिखाया।
पहले दी थी शिकायत, नहीं हुई थी कार्रवाई
पीड़ित ने बताया कि इस संबंध में पहले भी 2 फरवरी को थाना मॉडल टाउन थाने में शिकायत दी गई थी लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं हुई। वहीं पुलिस ने ताजा शिकायत पर थाना मॉडल टाउन में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
वर्जन
पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले में जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है।
रत्तन लाल, प्रभारी, मॉडल टाउन