रेवाड़ी। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन 176 वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन को तेज करने के लिए धरनास्थल पर किसानों की संख्या बढ़ने लगी है, जिससे यहां टेंटों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हो रही है। वहीं धरनास्थल पर किसानों का समूह चर्चाओं का दौर भी जारी रहा।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव रामकिशन महलावत ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीनों कृषि कानून देश के किसानों को बर्बाद करने वाले हैं। इसलिए केंद्र सरकार को बिना समय गवाए तीनों कानूनों को रद्द कर देना चाहिए। लेकिन केंद्र सरकार अपनी जिद पर अड़ी हुई है, जिसका खामियाजा देश के किसानों को भुगतना पड़ रहा है। यही कारण है कि किसान भूखा-प्यासा तेज धूप व गर्मी में खुले आसमान के नीचे जीवन व्यतीत कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार कोई आंदोलन इतना लंबा चला है, लेकिन केंद्र सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। इसके विपरीत भाजपा की सरकारें लगातार किसानों को बदनाम करने की साजिश रच रही हैं। केंद्र सरकार को चाहिए कि बिना समय गवाए किसानों से बातचीत शुरू करने के साथ ही तीनों कृषि कानून वापस ले और एमएसपी पर कानून बनाने की योजना बनाए, जिससे कि किसान भी अपने घर वापस जा सकें। इस अवसर पर राजस्थान के किसान नेता राजाराम मील, चौधरी बच्चू सिंह शाहपुर, अमराराम, राजू, नवीन सोहलोत, महेंद्र सिंह, किशन चौधरी व त्रिलोक चंद सहित अन्य मौजूद रहे।