रेवाड़ी। खेलों को बढ़ावा देने और ग्रामीण स्तर पर प्रतिभाओं को तराशने के उद्देश्य से सरकारी स्कूलों, ग्राम पंचायतों तथा निजी शिक्षण संस्थानों में खेल नर्सरियां स्थापित होंगी। आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब प्रत्येक खेल के लिए प्रशिक्षकों की एक कमेटी गठित की जाएगी।
यह कमेटी संबंधित संस्थानों में पहुंचकर फिजिकल वेरिफिकेशन करेगी। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि जिस खेल की नर्सरी के लिए आवेदन किया गया है, उस खेल का योग्य कोच उपलब्ध है या नहीं। साथ ही खिलाड़ियों की संख्या कितनी है तथा खेल से संबंधित बुनियादी सुविधाएं और संसाधन मौजूद हैं या नहीं।
सभी बिंदुओं की जांच कर रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी इसके आधार पर अंतिम सूची जारी की जाएगी। विभाग का प्रयास है कि केवल पारंपरिक खेलों तक सीमित न रहकर ओलंपिक, एशियन और कॉमनवेल्थ खेलों में शामिल विभिन्न विधाओं को भी बढ़ावा दिया जाए।
जिले में इस बार 170 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। अब तक आए आवेदनों का विश्लेषण करने पर सामने आया है कि कुछ खेलों के प्रति संस्थानों ने अपेक्षित रूचि नहीं दिखाई है। आर्चरी, कैनोइंग, स्विमिंग, जिम्नास्टिक, ताइक्वांडो, जूडो और टेनिस जैसे खेलों की नर्सरी स्थापित करने के लिए बहुत कम या लगभग न के बराबर आवेदन आए हैं।
कुछ खेलों के प्रति संस्थानों ने अपेक्षित रूचि नहीं दिखाई
अब तक आए आवेदनों का विश्लेषण करने पर सामने आया है कि कुछ खेलों के प्रति संस्थानों ने अपेक्षित रूचि नहीं दिखाई है। आर्चरी, कैनोइंग, स्विमिंग, जिम्नास्टिक, ताइक्वांडो, जूडो और टेनिस जैसे खेलों की नर्सरी स्थापित करने के लिए बहुत कम या लगभग न के बराबर आवेदन आए हैं। इसके विपरीत पिछले वर्ष की तरह इस बार भी कुश्ती, एथलेटिक्स, वॉलीबॉल, फुटबॉल, कबड्डी, हैंडबॉल, हॉकी और बॉक्सिंग जैसे पारंपरिक एवं लोकप्रिय खेलों के लिए अधिक रूचि देखने को मिली है।
कमेटी संबंधित संस्थानों में पहुंचकर फिजिकल वेरिफिकेशन करेगी। सभी बिंदुओं की जांच कर रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी जिसके आधार पर अंतिम सूची जारी की जाएगी।
- ममता देवी, कार्यवाहक जिला खेल अधिकारी