संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले की आबोहवा खराब होती जा रही है। वीरवार को वायु प्रदूषण का स्तर 280 दर्ज किया गया। सुबह एक्यूआई 200 के आसपास था। बुधवार को प्रदूषण का अधिकतम स्तर 252 दर्ज किया गया था। मंगलवार को अधिकतम एक्यूआई 322 दर्ज किया गया था जोकि इस सीजन का सबसे ज्यादा था। हवा प्रदूषित होने से पूरे दिन स्मॉग छाया रहा।
जिले में दो दिन ही प्रदूषण से कुछ हद तक राहत मिली थी। दो और तीन नवंबर को प्रदूषण का स्तर 200 के नीचे दर्ज किया गया था। अब उसके बाद लगातार प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। वायु प्रदूषण बढ़ने से तमाम तरह की दिक्कतें होती हैं। अधिक खांसी आने, नाक और गले में जलन होने, सांस लेते समय तकलीफ, घर से बाहर सांस फूलने, अस्थमा अटैक या सीओपीडी के लक्षण बढ़ने की समस्या होती है।
पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के कारण एनसीआर एक बार फिर से गैर चैंबर बन गया है। दीपावली के दिन हुई आतिशबाजी से भी हालत काफी बिगड़े हैं। आने वाले दिनों में भी हालात बिगड़ने की आशंका है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक बढ़ता प्रदूषण सेहत के लिए काफी चुनौतीपूर्ण स्थितियां पैदा कर सकता है, इसलिए बचाव के उपाय करते रहना सभी के लिए बहुत जरूरी है।
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पिछले एक सप्ताह का एक्यूआई:
1 नवंबर 257
2 नवंबर 168
3 नवंबर 166
4 नवंबर 252
5 नवंबर 322
6 नवंबर 252
7 नवंबर 280
वर्जन:
लोगों से अपील है कि प्रशासन का सहयोग करें। खुले में कूड़ा ना जलाएं। जहां पर हमें मालूम चल रहा है कि बड़े स्तर पर कूड़ा जलाया जा रहा है, हम वहां नोटिस दे रहे हैं। जागरूक होकर ही प्रदूषण को कम किया जा सकता है।- हरीश, एसडीओ, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड