संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शहर में बेसहारा पशुओं के हमले में लोगों के घायल होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। पिछले सप्ताह ऐसे तीन मामले आए जिसे जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। एक माह में संबंधित एजेंसी ने 151 बेसहारा पशुओं को पकड़ा है। अब डीसी ने प्रति माह 400 बेसहारा पशुओं को पकड़ने का लक्ष्य दिया है।
नगर परिषद ने संबंधित एजेंसी की कार्य क्षमता को बढ़ाते हुए कम से कम 40 पशुओं को प्रतिदिन गोशाला व नंदीशालाओं में भिजवाया जाएगा। शहर की दो गोशालाओं की तरफ से 550 गोवंश लेने की बात कही गई है। पशुओं को पकड़ने में आ रही दिक्कतों के मद्देनजर ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी नियुक्त कर दिए गए हैं ताकि पशु पकड़ने के कार्य में बाधा डालने वाले शरारती तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा। नगर परिषद की तरफ से एक महीने का अभियान भी चलाया जाएगा, जिसमें अधिक से अधिक पशुओं को पकड़ा जाएगा। नगर परिषद ने 400 पशुओं को पकड़ने का एक माह का लक्ष्य लिया है। 1 महीने में 151 में पशु पकड़े गए हैं। लगातार बढ़ते मामलों की वजह से जिला प्रशासन की भी चिंता बढ़ रही है।
नगर परिषद ने एक गाय पकड़ने के लिए 2050 रुपये, सांड पकड़ने के लिए 2450 रुपये और बछड़ा पकड़ने के लिए 1750 रुपये निर्धारित किए हैं। नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही शहर पशु मुक्त होगा। शहर के सभी पशुपालकों से भी आग्रह है अपने पशुओं को खुला ना छोड़ें और शहर को कैटल फ्री बनाने में सहयोग करें। करीब 22 लाख रुपये खर्च होने की संभावना है।
वर्ष 2016 से किया था कैटल फ्री घोषित
कागजों में जिले को वर्ष 2016 से कैटल फ्री घोषित किया जा चुका है, लेकिन हकीकत में स्थिति इसके बिल्कुल उलट है। बार-बार टेंडर छोड़ने पर लाखों रुपये का खर्च आता है। शहर के पुरानी सब्जी मंडी, नाईवाली चौक, नारनौल रोड का पुल, भाड़ावास रोड, बस अड्डा के सामने, कोनसीवास रोड आदि 24 घंटे भारी और छोटे वाहनों के साथ आमजनों का आवागमन रहता है। यहां बेसहारा पशुओं का जमावड़ा होने से हमेशा जानमाल का खतरा बना रहता है। फिलहाल नगर परिषद ने पशुओं के आतंक से छुटकारा दिलाने के लिए एक साल का समय लिया है।
अब 5000 से अधिक का होगा चालान
शहर के कई मोहल्लों में कई ऐसे पशुपालक हैं, जो अपने दुधारू गायों का दूध निकालकर उन्हें खुला छोड़ देते हैं। ऐसे में पहले से ही घूम रहे बेसहारा पशुओं के साथ इनसे संख्या बढ़ने से परेशानी बढ़ रही है। इस बार नगर परिषद की ओर से अपने पशुओं का दूध निकालकर सड़क पर छोड़ने वालों पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया था, लेकिन उन पर भी कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। अब 5000 से अधिक का चालान भी किया जाएगा।
वर्जन
बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर परिषद को दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इसके लिए अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत अधिक से अधिक पशुओं को पकड़ा जाएगा। पशुओं को पकड़ने के लिए योजना बनाई गई है, जिसके तहत कार्य शुरू होगा। -अभिषेक मीणा, उपायुक्त, रेवाड़ी।