संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। पंजाब के भाखड़ा डैम से कम पानी छोड़े जाने के कारण अब पानी की किल्लत बढ़ गई है। शहर के मोहल्लों में दो दिन तो शहर के बाहर की कॉलोनियों में तीन दिन बाद सिर्फ 30 से 40 मिनट तक जलापूर्ति की जा रही है। इतने समय में टंकी नहीं भरने से लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
पहले एक दिन छोड़ कर पानी की आपूर्ति की जाती थी। तब लोगों को अधिक परेशानी नहीं होती थी लेकिन अब शहर के मोहल्लों में दो दिन बाद जलापूर्ति की जा रही है। शहर के बाहर विकास नगर, कालाका सरस्वती विहार, महावीर नगर, पूरण नगर व सेक्टर-10, कुतुबपुर, जसवंत नगर, कालाका रोड सहित कई कॉलोनियों में तीन दिन बाद जलापूर्ति की जा रही है। सिर्फ 30 से 40 मिनट तक पानी की आपूर्ति करने से लोगों की जरूरत नहीं पूरी हो पा रही है। शहर के भाड़ावास रोड की कॉलोनियों में मटमैला पानी आ रहा है जिससे बदबू आ रही है। इसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पहले नहर में पानी चलने का शेड्यूल 16 दिन का था, लेकिन अब 8 दिन ही पानी मिल सकेगा। पानी की कमी के चलते 8 मई के बाद जल संकट और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। वाटर टैंक अभी भरे नहीं गए हैं। नहरी पानी के स्टोरेज करने के लिए शहर में कालाका में 5 और लिसाना में 3 वाटर टैंक हैं। कम पानी मिलने से वाटर टैंकों को भरना मुश्किल है। ऐसे में पानी की किल्लत बढ़ सकती है। फिलहाल लोग अब कैंपर का सहारा लेने लगे हैं। मांग बढ़ने से कैंपर कारोबारियों के कारोबार में 25% तक का इजाफा हुआ है।
अतिरिक्त पानी की मांग : जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वह अतिरिक्त पानी की पीछे से मांग कर रहे हैं लेकिन कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ रही है। पानी मिलेगा या नहीं, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। अधिकारियों का यह भी कहना है कि पूरा प्रयास किया जा रहा है। लोगों को पानी की किसी प्रकार की परेशानी ना हो, इसके लिए कुछ अधिकारियों से लगता संपर्क में हैं।
टैंक भरने पर ही पहले की तरह हो सकेगी आपूर्ति
वर्तमान में सबसे बड़ी प्राथमिकता वाटर टैंकों को भरने की है। इसके लिए कालाका में 4 और लिसाना में 2 अतिरिक्त मोटर लगाकर टैंकों को भरा जा रहा है। टैंक फुल होंगे तभी 15 से 20 दिन तक एक दिन छोड़ कर जलापूर्ति हो सकेगी। हालांकि, नहर का शेड्यूल 24 दिन का है और अब 8 दिन ही नहर में पानी चलता है तो इसे मिलाकर 32 दिन हो जाएंगे। इसलिए 32 दिन पानी देना विभाग के लिए मुश्किल है। क्योंकि अभी 30 दिन से शहर में अल्टरनेट डे पानी मिल रहा है। कुछ इलाकों में जितनी मांग है, उसका आधा पानी लोगों को नहीं मिल रहा है।
गर्मी के सीजन में हर माह 600 क्यूसेक पानी निर्धारित है। कटौती के बाद से अब एकदम से 150 क्यूसेक पानी नहर में आ रहा है। यह पर्याप्त नहीं है। इससे पहले औसतन 300 से 400 क्यूसेक पानी ही मिल रहा था। जिले में पानी की सप्लाई आधी हो गई है।
कभी एक दिन छोड़ कर तो कभी 2 दिन छोड़ कर पानी मिलता है। कई बार मटमैला और बदबूदार पानी आता है। पानी को लेकर समस्या बढ़ गई है।- सोनू, बारा हजारी
पानी समय पर न मिलने के कारण गर्मी में समस्या हो रही है। वैसे तो हर वर्ष पानी की कमी खलती है लेकिन इस बार कुछ ज्यादा ही परेशानी हो रही है। राजन, कोनसीवास
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वर्जन
अभी वाटर टैंकों को भरा जा रहा है। पानी की सप्लाई को लेकर उच्चाधिकारियों के संपर्क में हैं। फिलहाल अभी पीछे से नहर में पानी छोड़े जाने को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। -हेमंत कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग।