संवाद न्यूज एजेंसी
धारूहेड़ा। बिना अनुमति और साइन बोर्ड लगाए एनएच-48 पर सड़क मरम्मत का कार्य करने के मामले में एएसआई दलीप कुमार ने एनएचएआई के अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में एनएचएआई के अधिकारी ने ठेकेदार से जवाब तलब किया है। साथ ही अधूरे इंतजाम कर सड़क मरम्मत को लेकर रिपोर्ट मांगी है।
एनएचएआई के पीआईयू मैनेजर योगेश ने संबंधित ठेकेदार से जवाब तलब करते हुए मौजूदा परिस्थितियों को लेकर भी जानकारी मांगी है। उनका कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान बाधा तो आती ही है और जाम लगना भी लाजमी है। क्योंकि इस मार्ग पर बड़ी संख्या में वाहनों का आना-जाना होता है। अगर नियमों का ध्यान नहीं रखा गया है तो इस पर ठेकेदार से जवाब मांगा गया है। मामले में पुलिस का कहना है कि साइन बोर्ड ना लगाने की वजह से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता था। सड़क बनाने की सूचना संबंधित थाना को भी नहीं दी गई थी। ऐसे में ट्रैफिक व्यवस्था काफी बिगड़ रही थी।
धारूहेड़ा में तैनात एएसआई दलीप कुमार ने 18 मई को दी गई अपनी शिकायत में कहा था कि वह पुलिसकर्मियों के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान हाईवे पर जाम मिला, जोकि खरखड़ा कट तक पहुंच चुका था। वाहनों की लंबी कतार लगी थी। आगे जाकर देखा तो कुछ मजदूर रोड को बना रहे थे। किसी प्रकार का साइन बोर्ड नहीं लगाया हुआ था। मजदूरों से रोड बनाने की अनुमति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि हमारे पास किसी प्रकार की कोई अनुमति नहीं है, लेकिन हम उच्च अधिकारियों के आदेश से ही बना रहे हैं। एनएच-48 दिल्ली से जयपुर को अवरुद्ध करके तथा बिना अनुमति व बिना रोड साइन के रोड बनाकर व आमजन के आवागमन में बाधा पहुंचाकर घोर लापरवाही की है।
-
एनएचएआई की ओर से सड़क बनाने का कार्य ठेकेदार को दिया जाता है। एनएचएआई अधिकारी समय-समय पर जाकर कार्य स्थल का निरीक्षण करते हैं। मामले में संबंधित ठेकेदार से जवाब मांगा गया है। मार्ग बनाते वक्त सभी प्रकार के नियमों का ध्यान रखा जाएगा। -योगेश पाठक, पीआईयू मैनेजर एनएचएआई।